सोनभद्र। करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व हुए राम आसरे मौर्य हत्याकांड में अदालत ने तीन दोषियों राजेंद्र मौर्या, जसवंत मौर्या व निहाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने उन पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 4-4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक करमा थाना क्षेत्र के मगरदहा निवासी संतोष मौर्य उर्फ भोला ने थानाध्यक्ष करमा को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसके गांव के राजेंद्र मौर्य व बिसहार गांव निवासी निहाल से जमीन पर पाइप बिछाने को लेकर विवाद चल रहा था। 29 नवंबर 2021 को वह अपने पिता राम आसरे मौर्य व चाचा के लड़के गोलू के साथ गांव के लालू मौर्या की शादी में कठपुरवा गए थे। उसकी शादी में निहाल भी आया था। निहाल उन लोगों से बार-बार पूछताछ कर रहा था कि घर कब चलना है। पिताजी ने कहा कि खाना खाकर चलेंगे। करीब साढ़े 9 बजे रात हमलोग घर के लिए निकल दिए और पिताजी बाइक चला रहे थे। रात्रि करीब 10 बजे बिसहार पहाड़ी पर हमलोग पहुंचे थे तो वहां पर जसवंत मौर्या, राजेंद्र मौर्या, निहाल समेत 6 लोग बाइक आगे खड़ा कर हमलोगों को रोक दिया और उलझ गए। इस दौरान ललकारने पर जसवंत मौर्या ने पिता की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग आए तब तक सभी बाइक से भाग गए। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की और चार्जशीट दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर राजेंद्र मौर्या, जसवंत मौर्या व निहाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उन ऊपर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4-4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।