बेसिक शिक्षा विभाग जिले के बहु दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड एजूकेशन प्रदान करेगा। इसके लिए कुल 80 बहु दिव्यांग बच्चों को चयनित किया गया है। यह बच्चे स्कूल जाने की स्थिति में नहीं है। लिहाजा स्पेशल एजूकेटर्स के माध्यम से उन्हें घर पर ही शिक्षा दी जाएगी।
होम बेस्ड एजूकेशन कार्यक्रम के तहत विशेष शिक्षक उनके घरों पर पहुंचकर शिक्षा प्रदान करेंगे। पांच बच्चों पर एक स्पेशल शिक्षक तैनात होंगे। जिले में कुल 80 बच्चों को इसके लिए चयनित किया गया है। इसके सापेक्ष जिले में 12 शिक्षक मौजूद हैं। चार अन्य शिक्षकों की भी तैनाती की जाएगी। होम बेस्ड एजूकेशन के बेहतर संचालन के लिए शिक्षण सामग्री की खरीदारी होगी। भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की ओर से इस योजना के लिए समेकित शिक्षा के तहत जिले में कुल दो लाख 80 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे दृष्टिबाधित बच्चों और लो विजन छात्र-छात्राओं की विशेष शिक्षा प्रणाली स्टेशनरी के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि समेकित शिक्षा से निश्चित रूप से दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई सुगम होगी। गंभीर दिव्यांगता के शिकार 80 बच्चों को विशेष शिक्षक शिक्षण सामग्री की मदद से घर पर ही पढ़ाएंगे। शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को सबसे पहले समर्थ मोबाइल एप्लीकेशन पर दर्ज किया जाएगा।
जेम पोर्टल से होगी खरीदारी
बहु दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए शिक्षण सामग्री और सभी स्टेशनरी सामग्री की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से होगी। इसके लिए शासन से एक समिति का गठन किया गया है। इसमें बीएसए को अध्यक्ष बनाया गया है। सहायक वित्त लेखाधिकारी को सदस्य, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा को सदस्य सचिव, जिला समन्वयक एमआईएस को सदस्य नियुक्त किया गया है।
बच्चों को मिलेगी यह सामग्री
गंभीर रूप से बहु दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड शिक्षा के लिए दर्जनों सामग्रियां मिलेंगी। इसमें वुडेन प्लास्टिक के विभिन्न मॉडल, अंग्रेजी व हिंदी में अल्फाबेटिक, नंबर आकार आकृतियों का पजल, शरीर के अंग, फल, सब्जियां, यातायात के साधनों के चार्ट, विभिन्न प्रकार के पेग बोर्ड, म्यूजिकल इक्विपमेंट, किचन व डॉक्टर सेट, विभिन्न प्रकार के पिक्टोरियल चार्ट्स, पशु-पक्षियों के चार्ट, काउटिंग फ्रेम, स्टैकिंग ट्वायेज, रैटल, लाइट प्रोड्यूसिंग खिलौने सहित अन्य सामग्री सम्मिलित होगी।
शासन की ओर से बहु दिव्यांग बच्चों को बेहतर बनाने के उदेश्य से होम बेस्ड शिक्षा के माध्यम विभिन्न सामग्रियों को उपलब्ध कराया जायेगा। जेम पोर्टल से इनकी खरीदारी होगी। - हरिवंश कुमार, बीएसए।