जिला पंचायत की तरह ग्राम पंचायत के चुनाव में भी कई दिग्गजों को मुंह खानी पड़ी है। मतपेटिका खुलते ही कई प्रत्याशियों के होश उड़ गए। कई प्रत्याशियों को उनके घर का भी वोट नहीं मिला।
वोटों की गिनती पूरा हुए जीत का दावा करने वाले प्रत्याशी खुद को पराजित होता देख मतगणना स्थल से चले गए। जिला पंचायत की तरह इस चुनाव में भी खाओ पीयो डट कर, वोट दो हट कर का असर देखने का मिला। वहीं कई प्रत्याशियों ने दूसरी बार जीत हासिल किया है।
मतगणना शुरू होने से घंटे भर पूर्व ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार मतगणनास्थल पर पहुंच गए थे। वोटों की गिनती होने से पहले हर प्रत्याशी जीत का दावा कर रहा था। आठों ब्लॉकों में पंचायत चुनाव में चौंकाने वाले परिणाम आए। मतदाताओं ने कई दिग्गजों के गंवई राजनीति पर पानी फेर दिया है।
सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कतवरिया से सपा नेता इंद्रदेव सिंह के भाई कृष्णदेव सिंह को सुरजीत ने हरा दिया। जबकि हाल मेें हुए जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में इंद्रदेव सिंह की पत्नी बीना सिंह राजपुर से विजयी हुई थी।
ओरगाई के निवर्तमान प्रधान अर्जून सिंह की पत्नी हरिमोहन को शकुंतला देवी ने पराजित कर प्रधान बनी है। राज्य निर्वाचन आयोग के बेबसाइट के आकड़ों पर गौर करें तो ग्राम पंचायत जैत से प्रधान पद की प्रत्याशी रजुई को एक भी मत नहीं मिला है। वहीं सदर ब्लॉक के कम्हारी से उर्मिला सिंह, हिंदुआरी से राजेश सोनी, लोढ़ी से शमशेर सिंह ने दूसरी बार जीत हासिल की है।