सोनभद्र। आस्था का पर्व शारदीय नवरात्र सोमवार से शुुरू हो रहा है। इस बार शारदीय नवरात्र नौ दिन का है। पितृ विसर्जन के साथ ही आस्थावान नवरात्र पूजा की तैयारी में जुट गए हैं। रविवार को देर शाम से ही पूजन सामग्री की खरीदारी में आस्थावान जुट गए हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. एसएन तिवारी के मुताबिक शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन हाथी के सवारी पर हो रहा है। चूंकि हाथी ज्ञान एवं समृद्धि का प्रतीक है। इसलिए मातारानी का हाथी पर आगमन से प्रजा खुशहाल होगी। उन्होंने बताया कि रविवार की रात 3 बजकर 24 मिनट पर प्रतिपदा लग जाएगी। सोमवार को पूरे दिन प्रतिपदा है। सोमवार की रात में 3 बजकर 22 मिनट तक प्रतिपदा रहेगी। पूरे दिन कभी आस्थावान कलश स्थापना कर पूजन आरंभ कर सकते हैं। सुबह 11 बजकर 36 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक अभिजित मुहुर्त है। इस मुहुर्त में कलश स्थापना करके अनुष्ठान शुरू करने का विशेष महत्व हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवमी तिथि अगले सप्ताह मंगलवार को होगी। इस दिन नवमी तिथि दोपहर 1 बजकर 32 मिनट तक है। इसके बाद दशमी तिथि लग रही है, इसलिए बुधवार को ही रावण का पुतला दहन करते हुए विजयादशमी मनाई जाएगी। कारण की अगले दिन बुधवार को दिन में 11 बजकर 10 मिनट तक ही दशमी तिथि है। उन्होंने बताया कि देवी की प्रतिमा का विसर्जन मंगलवार को नहीं होती है। इसलिए मां की प्रतिमा का विसर्जन बुधवार के दिन किया जाएगा। इस दिन मातारानी का प्रस्थान भी हाथी के सवारी पर हो रहा है। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन एवं प्रस्थान दोनों शुभ हैं।