शक्तिनगर। निजी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी के अपहरण की सूचना से शनिवार रात पुलिस महकमे में खलबली मच गई। सूचना पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खोजबीन शुरू की। रविवार की भोर में उसे बनारस से बरामद कर लिया गया। जांच में अगवा किए जाने का मामला फर्जी निकला।
कोहरौलिया निवासी सूरज सिंह उर्फ दीपक (24) पुत्र संतोष सिंह ने शनिवार रात आठ बजे दोस्त के मोबाइल फोन पर सूचना दी कि हमें बीना बस स्टैंड से काली रंग की स्कार्पियो में बैठाकर कुछ लोग बेहोश कर अन्यत्र ले जा रहे हैं। हमें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है किसी तरह मोबाइल से फोन कर रहे हैं। हमारे परिजनों और पुलिस को अपहरण की सूचना दे दो। अपहरण की सूचना मिलते ही परिजनों के साथ काफी संख्या में ग्रामीण बीना पुलिस चौकी पहुंच गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देशन में बीना पुलिस चौकी प्रभारी शशि भूषण के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। देर रात युवक के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस किया गया। महज छह घंटे के अंदर रविवार तड़के पौने पांच बजे सूरज सिंह को वाराणसी बीएचयू गेट से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि अंतिम समय तक युवक अपहरण करने की बात पर अड़ा रहा। जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो टूट गया और अपहरण की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उसने बताया कि घर वालों से पैसे लेने के लिए मनगढंत कहानी गढ़ी। युवक के सकुशल पहुंचने पर पुलिस व परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने युवक को दोबारा इस तरह की हरकत न करने की हिदायत देते हुए परिजनों को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि युवक एनसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनी का कर्मचारी है।