दुद्धी। हाथीनाला-मुर्धवा मार्ग पर हुए सड़क हादसे में निक्की (27) की मौत के बाद का मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था। भूख से व्याकुल डेढ़ वर्षीय पुत्र दुद्धी सीएचसी में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बार-बार अपनी मां के शव की ओर देखकर बिलख रहा था। स्ट्रेचर पर मां को वह सोता समझ उसके पास जाने की कोशिश करता रहा।
बहन ने बताया कि निक्की ने अपने बेटे से कहा था कि कुछ ही दूरी पर रेणुकूट है, पहुंच कर बाबू को दूध पिलाएंगे। बच्चे को गोद में लिए निक्की को कुछ समझ नहीं आई, वह बाइक से गिर गई, जबकि मासूम बच्चे को कुछ भी नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार की देर शाम हाथीनाला थाना से महज चार किमी दूर मुर्धवा मार्ग पर ओबरा से रेणुकूट जाते समय निक्की (27) अचानक बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
साथ में बाइक पर बैठी बहन व उसके बहनोई ने घायलावस्था में सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रखे मां के शव के पास खड़ा होकर मासूम बेटा चंदन बिलखता रहा। मौसी उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही, लेकिन बेटा बार-बार मां के पास ही जाने की जिद करता रहा।
निक्की की बहन ने बताया कि दो घंटे से मासूम चंदन भूखा था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जुटे परिजनों ने बताया कि निक्की के चार बच्चे हैं।
नैना 8, शिवानी 2, राहुल 4 और डेढ़ साल का चंदन। सभी बच्चे रो रहे हैं। इस हालत को देखकर सभी लोगों का एक ही कहना है कि इन बच्चों का क्या होगा।