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माता के जयकारे से गूंजा सोनांचल

Tue, 20 Oct 2015 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
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जिले में नवरात्र के आठवें दिन मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं ने मां काली का पूजन-अर्चन किया। राबर्ट्सगंज स्थित सुप्रसिद्ध शीतला मंदिर, वैष्णो मंदिर, शक्तिनगर में ज्वालामुखी मंदिर, कुड़ारी गांव में स्थित मां कुंडवासिनी के दर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। वहीं नौ दिनों तक निराजल व्रत रख कर मां भगवती की आराधना करने वाले भक्तों ने भी पूजन-अर्चन में जुटे रहे।

चार बजे भोर में देवी मंदिरों का पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन शुरू कर दिया। राबर्ट्सगंज स्थित शीतला मंदिर, सातो मईया मंदिर, दुर्गा मंदिर, सांई मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही।
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 सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंदिरों के आसपास महिला और पुरुष फोर्स तैनात रही। इमरती कालोनी में सोमवार की शाम दूसरे दिन भी मां दुर्गा पूजा पांडाल में सांस्कृतिक का आयोजन किया गया।

भक्ति गीतों पर महिलाओं और छात्राओं ने नृत्य किया। कार्यक्रम का आयोजन रेखा मिश्रा की टीम द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत किया। हर्षिता, ईशानी, पाखी और हनी ने डांडिया नृत्य का शानदार प्रदर्शन किया।

कडाला प्रतिनिधि के मुताबिक जिले के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ प्रांत से श्रद्धालु सुप्रसिद्ध वैष्णो शक्तिधाम डाला में मां वैष्णो का पूजन-अर्चन करने के लिए पहुंच रहे हैं।

अष्ठमी के दिन भक्तों की भीड़ देखते बन रही थी। डाला चौकी प्रभारी वृजनाथ यादव फोर्स के साथ भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। रामगढ़ संवाददाता के अनुसार नवरात्र मेें समूचा इलाका भक्ति की सागर में गोता लगा रहा है।

रामगढ़ कस्बे में स्थित काली मंदिर और नेवारी मेें स्थित शीतला मंदिर में पूजन-अर्चन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भोर से ही मंदिरों में विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार शुरू कर दिया जा रहा है।

 चोपन संवाददाता के अनुसार शारदीय नवरात्र में मंगलवार को चोपन में सजाए गए विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों से कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा चोपन बाजार से होते हुए सोन नदी से जल लेकर गंतव्य स्थल तक पहुंची। महिलाओं और बालिकाओं ने कलश में जल लेकर पूजा पंडालों तक पहुंचीं, जहां पर दुर्गा देवी की प्रतिमा को स्थापित किया गया।
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