लोढ़ी स्थित 100 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु विंग सोनभद्र
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। एक करोड़ 19 लाख रुपये बिजली का बिल बकाया होने के कारण जिला अस्पताल परिसर स्थित सौ बेड के मातृ-शिशु सेवा अस्पताल की बिजली आपूर्ति शनिवार को काट दी गई। इसके चलते 48 घंटे से अस्पताल में प्रसव समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। इसकी वजह से कई महिलाओं को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
प्रदेश सरकार ने अक्तूबर 2019 में सेवा प्रदाता हेरिटेज इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस के जरिये सौ बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल का संचालन शुरू कराया था। इसके बाद से अब तक यहां लगभग 1145 महिलाओं के प्रसव कराए जा चुके हैं। तब से अब तक अस्पताल का बिजली बिल एक करोड़ 19 लाख पहुंच गया है। बिल का भुगतान न होने पर बिजली विभाग ने पखवारे भर पूर्व ही अस्पताल की बत्ती गुल करने की चेतावनी स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल का संचालन कर रहे सेवा प्रदाता को दी थी। इसके बाद भी जब बिजली का बिल नहीं जमा हु तो विद्युत विभाग ने बीते शनिवार को अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप कर दी।
कोट
बिजली का बिल जमा करने के लिए कई बार नोटिस भेजा गया लेकिन बिल जमा नहीं किया गया। अस्पताल पर करीब एक करोड़ 19 लाख रुपये बकाया है। इसलिए आपूर्ति ठप करा दी गई है। बिल जमा होने पर आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।-एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज
कोट
शासन स्तर से सेवा प्रदाता को भुगतान नहीं किए जाने के कारण बिजली बिल जमा किया जाना संभव नहीं हो सका है। अस्पताल की आपूर्ति ठप करना उचित नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया जा रहा है आपूर्ति शुरू करा दें, ताकि मरीजों का इलाज किया जा सकें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बिजली का बकाया बिल जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है।-एसपी सिंह, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, हेरिटेज
-
इनसेट
मरीजों को किया गया डिस्चार्ज
सोनभद्र। मातृ-शिशु सेवा अस्पताल की बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद इलाज पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मुफ्त में जच्चा-बच्चा का उपचार किया जाता है। सामान्य का इलाज और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन कर प्रसव भी कराया जाता है। स्वास्थ्य सेवा ठप होने से मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पताल या तो जिला अस्पताल में जाना पड़ रहा है। हेरिटेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसपी सिंह का कहना है कि आपूर्ति ठप होने के बाद भर्ती तीन मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। मंगलवार को टांका काटने के लिए बुलाया गया है।