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अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं बन रहा भोजन

Thu, 11 Aug 2016 11:04 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
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राबर्ट्सगंज ब्लॉक के तियरा आगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे नदारत खडी दाई।
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प्रदेश सरकार की अति महत्वकांक्षी हौसला पोषणा योजना फेल साबित हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए न तो भोजन पकाया जा रहा है और न ही उन्हें किसी अन्य स्रोतों से इसे मुहैया कराया जा रहा।  ग्रामीणों का आरोप है  कि ज्यादातर केंद्रों पर ग्राम प्रधानों की लापरवाही इस पर भारी पड़ रही है। 
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सरकार ने कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की बेहतर सेहत के लिए हौसला पोषण योजना शुरू की है। इसकी मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव कर रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग के जिम्मेदार गर्भवतियों और कुपोषितों को पका-पकाया भोजन देने में असफल साबित हो रहे हैं।

राबटर्सगंज ब्लॉक के लोढ़ी सेकेंड, ममुआ, तियरा के आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन नहीं बन रहा। खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों का भी कमोवेश यही हाल है। आंगनबाड़ी केंद्र धोबी की कार्यकर्ता सुनीता देवी, सूअरसोत की कमलावती देवी, देवहार की सुुनीता देवी, खलियारी की पुष्पा देवी, मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की कलावती देवी, कोदई की कलावती देवी, करही की नीलम देवी, रइया की अंजू देवी, बरवारी की सुनीता देवी, तेनूआ की असराफी देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इन जगहों पर भोजन नहीं बन रहा है। 
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खलियारी के विजय बहादुर यादव, मुन्ना, रामसूरत मूूसहर, सियरिया के जगदीश खरवार, कोदई के लालता खरवार, बांकी के बसुवन, देवहार के ओमप्रकाश खरवार, बालेश्वर खरवार का कहना है कि क्षेत्र के किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवतियों और कुपोषितों को पका-पकाया भोजन नहीं मिल रहा। कभी कभार पोषाहार मिलता है। ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र पर पहुंचती ही नहीं है। पता चला कि सिर्फ रायपुर और पनिकप खुर्द में ही भोजन बन रहा। 
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