तहसील क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासियों को गुरुवार को उनकी जमीन एक बार फिर वापस मिल गई। उनकी जमीनों को सर्वे के दौरान कतिपय लोगों ने अपने नाम करा लिया था। तहसील परिसर में विधायक रूबी प्रसाद, डीएम सीबी सिंह, एसपी लल्लन सिंह, सीडीओ महेंद्र सिंह और एसडीएम सदर डा. विश्राम सिंह और एसडीएम दुद्धी गिरजा शंकर सिंह ने 17 गांवों के 1817 आदिवासियों को खतौनी सौंपा।
भूमि अधिकार की खतौनी के वितरण कार्यक्रम में तहसील क्षेत्र रन्नू ग्राम के 38, जरहां के 35, मझौली के 10, रजमिलान के 28, बघाडू के 24, अंजानी के सात, कुदरी के 18, महुअरिया के दो, सेमरिया के पांच, देवरी के आठ, गौरसिंह के एक, सूपाचुआं के दो, चैनपुर के सात समेत कुल 17 गांवों के 1817 आदिवासियों को भूमि का अधिकार पत्र के रूप में जमीन की खतौनी दी गई।
विधायक रूबी प्रसाद ने कहा पूर्व में सर्वे सेटलमेंट के दौरान भारी गड़बड़ियां हुई थीं। आदिवासियों के जमीन पर नाम किसी और का, कब्जा किसी और का होने की शिकायत उन्होंने दौरे पर आए मंडलायुक्त से की थी। उसे गंभीरता लेते हुए ठोस पहल हुई। उनके जमीन का अधिकार उन्हें मिल गया।
डीएम सीबी सिंह ने कहा कि लोग अपने अधिकारो से वंचित नही होंगे। उनके छीने हुए हक को पुन: लौटाया जा रहा है। पूर्व में सर्वे के दौरान जो गलतियां हुई थीं उन्हें अब ठीक किया जा रहा है। एसपी लल्लन सिंह ने कहा कि आदिवासियों के गलत तरीके से कब्जे की जमीन को आदिवासियों को देना क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन को बढ़ावा देने जैसा है।
सीडीओ महेंद्र सिंह ने कहा कि जो भी जन सेवाओं के कार्यक्रम चल रहे हैं उनमें जनप्रतिनिधियों के सहयोग रहे हैं जो आगे भी बनी रहेगी। इस मौके पर प्रेमप्रकाश अंजोर, क्ष्मण राय, जितेंद्र सिंह, पवन यादव, कैलाश यादव, संगीता पांडेय, शुभा प्रेम, महेशानंद, जुबेर आलम मौजूद रहे।