दी इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियर्स इंडिया के अनपरा लोकल सेंटर की ओर से गुरुवार को भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म दिवस अभियंता दिवस के रूप में मनाया गया। इसके उपलक्ष्य में देर शाम स्कील डेवलपमेंट फार यंग इंजीनियर्स टू रिफार्म द कोर सेक्टर विजन 2025 विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अनपरा सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने अभियंता वर्ग में तकनीकी ज्ञान के विकास और नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि एनटीपीसी के जेपी श्रीवास्तव, खड़िया कोल परियोजना के जीएम एएन पांडेय, भेल के अनपरा डी यूनिट के जीएम आरके श्रीवास्तव ने वर्तमान परिप्रेक्षय में अभियंताओं के सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए, इसका सफलतापूर्वक सामना करने की सीख दी। मुख्य अभियंता एके सिंह, आरसी श्रीवास्तव, चंडी प्रसाद मिश्र, अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, अशोक कुमार श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए।
लोकल सेंटर के अध्यक्ष इं. अजय कुमार विश्वेश्वरैया द्वारा राष्ट्र के विकास और आभियांत्रिकी के क्षेत्र में किए गए योगदान पर चर्चा की। कहा कि उनके इस उल्लेखनीय योगदान के लिए ही वर्ष 1955 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन लोकल सेंटर के मानद सचिव डीके सिंह ने किया।
सिंगरौली - एनसीएल की अमलोरी परियोजना में भी भारत रत्न एम विश्वेश्वरैया का जन्म इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया गया।
मुख्य अतिथि अमलोरी के महाप्रबंधक एसके और विशिष्ट अतिथि जीएम (उत्खनन) तरूण कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि आने वाले समय में कोल सेक्टर की सफलता युवा इंजीनियरों के कंधों पर निर्भर होगी। मुख्य प्रबंधक (माइनिंग) ए अहमद ने कोयला उद्योग में अनुभवी और युवा दोनों कार्यबल के कोयला उद्योग की नई चुनौतियों के मद्देनजर उनके कौशल विकास को बदलते समय की मांग बताया।
वरीय प्रबंधक (कॉरपोरेट प्लानिंग) शिवराज सिंह ने कोल इंडिया के विजन 2020 पर प्रकाश डाला। वरीय प्रबंधक (ईएंडएम) अनिल कुमार ने माइनिंग उद्योग में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की भूमिका बताई। उप महाप्रबंधक (खनन) सतीष झा, प्रबंधन प्रशिक्षु (माइनिंग) हिमांशु वाधवानी, सर्वेश सिंह, पीके दूबे आदि ने भी विचार व्यक्त किए।