11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के फार्मासिस्टों ने शुक्रवार से दो घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इससे सुबह आठ से दस बजे तक दवा वितरण, इंजेक्शन और ड्रेसिंग समेत अन्य कार्य प्रभावित रहा। मरीजों को इससे परेशानी हुई।जिला अस्पताल में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले फार्मासिस्टों ने जिला मंत्री परशुराम पांडेय की अगुवाई में कार्य बहिष्कार शुरू किया।
इस दौरान फार्मासिस्टों ने अस्पताल गेट पर धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है आंदोलन चलता रहेगा।
इस मौके पर सुरेंद्र कुमार दूबे, अजय कुमार सिंह, राम प्रकाश, सतेंद्र यादव, अनुराग पांडेय, अनिल यादव, अखिलेश, विनय अग्रवाल मौजूद रहे। घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फार्मासिस्टों ने प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर सुबह आठ से दस बजे तक कार्य बहिष्कार किया।
इस दौरान चिकित्सकीय कार्य प्रभावित रहा। मरीजों, तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी। चीफ फार्मासिस्ट डा. आरके यादव ने बताया कि वेतन विसंगति एवं प्रोन्नति संबंधी समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है। तृतीय चरण के आंदोलन के तहत शुक्रवार से 19 सितंबर तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 20 सितंबर को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। शाहगंज, करमा, परसौना के अस्पतालों में कार्य बहिष्कार हुआ। पीयूष दीक्षित, योगेंद्र कुमार, विनय कुमार आदिि मौजूद रहे।