विंढमगंज/म्योरपुर। दुद्धी ब्लॉक के केवाल और म्योरपुर ब्लॉक के रासपहरी में रविवार को बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। लोक नृत्य एवं गायन से लोगों ने मन मोह लिया।
ग्राम पंचायत केवाल के सांस्कृतिक मंच के प्रांगण में रविवार को दोपहर बाद जनजाति गौरव दिवस व बिरसा मुंडा जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व कैबिनेट मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जनजाति के लोगों को अधिकारों को जानने के लिए जागरूक किया। इनके कार्यों की वजह से ही हम सभी जनजाति के लोग इन्हें भगवान बिरसा मुंडा के रूप में मानते हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान दिनेश यादव, विजय सिंह गोंड, अशर्फी गोंड, राम आशीष यादव, डॉ.मनोज, संतोष सिंह, राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश आदि रहे। म्योरपुर ब्लाॅक के रासपहरी में राष्ट्रीय ग्राम स्वरोजगार अभियान योजना के अन्तर्गत बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जीत सिंह खरवार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का अनुसरण करने की जरूरत है। इस मौके पर आदिवासी अधिकार मंच के संयोजक उमाशंकर सिंह मरकाम, मानरूप सिंह गोंड, ग्राम प्रधान शीतल देवी, प्रधान प्रतिनिधि रामदयाल प्रजापति, अखिलेश दुबे, गंगाराम यादव आदि मौजूद रहे।
आदिवासी संस्कृति की रक्षा करना हिंदुओं का कर्तव्य
कोन। क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुड़वा के टोला तुमिया में शनिवार को आदिवासी सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गणेश रामभगत ने कहा कि आदिवासी समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति कायम रखे। हर तीज त्योहार परंपरागत तरीके से मनाएं।
गणेश रामभगत ने कहा कि आदिवासी ही देश के मूल निवासी व धरोहर हैं। उनकी संस्कृति को कायम रखना हम सभी हिंदुओं का कर्तव्य है। आज के दौर में आपसी खींचतान से इनकी संस्कृति विलुप्त होती जा रही है। इसका फायदा उठाकर दूसरे धर्म संप्रदाय के लोग आदिवासियों को बहला फुसलाकर धर्मांतरण करा रहे हैं। यह भविष्य के लिए खतरनाक साबित होगा। जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले जल्द दिल्ली में आदिवासियों की तरफ से प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले आदिवासी सम्मेलन में करमा नृत्य व भगवान महादेव व श्रीराम का पूजन अर्चन किया गया। अध्यक्षता ग्राम प्रधान सुजीत यादव उर्फ बुल्लू यादव ने की। कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री शिवप्रसाद, मंडल अध्यक्ष सुनील जायसवाल, महीपत गोंड, उदित नारायण, राम-लखन, डाॅ. सूर्यप्रकाश आदि रहे।