कोयला प्रोजेक्टों में स्थानीय बेरोजगारों को नियोजित किए जाने के मामले में एमएलसी के पत्र से युवा बेरोजगारों के आंदोलन और विरोध को बल मिला है। एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने सीएम को पत्र लिखा है और ऊर्जांचल के कोल प्रोजेक्टों में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिए जाने की मांग की है।
ऊर्जांचल में यूपी के हिस्से में एनसीएल की पांच कोयला परियोजनाएं संचालित हैं। इन प्रोजेक्टों में कई आउटसोर्सिंग कंपनियां अधिभार (ओबी) हटाने के साथ अन्य कार्यों में लगी है। बेरोजगार इन्हीं कंपनियों में 80 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग के साथ एनसीएल की नीति का विरोध कर रहे हैं। बीते दिनों खड़िया, कृष्णशिला व बीना कोयला प्रोजेक्टों में आंदोलन और प्रदर्शन हो चुके है। इसी मुद्दे पर विधायक (सदस्य विधान परिषद) स्नातक खंड वाराणसी ने मुख्यमंत्री समेत कोल इंडिया अध्यक्ष सहित कई अधिकारियों पत्र लिख बेरोजगारी की समस्या का तत्काल निराकरण करने की मांग की है। उन्होंने एनसीएल जीएम के साल 2006 पत्र का भी जिक्र किया है जिसमें स्थानीय युवा बेरोजगारों को 80 फीसदी रोजगार देने की बात कही गई है। बेरोजगारों के आंदोलन से जुड़े रविंद्र यादव पूर्व प्रधान, हीरालाल प्रधान, पन्नालाल, भोला सिंह ने एमएलसी की पहल का स्वागत किया और कहा कि जनता के नुमाइंदे इस पर गंभीर हो जाए तो समस्या से निजात मिल जाएगी।