राबट्सगंज हाइडिल मैदान के समीप निर्माणाधीन जल सयंत्र का निरीक्षण करते विधायक भूपेश चौबे।
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नगर की बड़ी आबादी को पेयजल संकट से निजात दिलाने वाली राबर्ट्सगंज पेयजल पुनर्गठन योजना का बुधवार को सदर विधायक भूपेश चौबे ने निरीक्षण किया। निर्माण की समय सीमा बीतने के बाद भी काम पूरा न होने और कार्यदायी संस्था की सुस्ती पर भड़के विधायक ने जिम्मेदारों को जमकर लताड़ लगाई। इसकी जानकारी पहले डीएम को दी और फिर मौके से ही कमिश्नर को फोन कर जलनिगम के अफसरों के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की भी बात कही।
नगर व आसपास के इलाकों में शुद्ध जलापूर्ति के लिए पूर्ववर्ती सपा सरकार में राबर्ट्सगंज पेयजल पुनर्गठन योजना का शिलान्यास हुआ था। वर्ष 2015 में शुरू हुई इस परियोजना को 2018 तक पूरा होना था। निर्माण में सुस्ती का असर यह रहा कि अब तक काम पूरा नहीं हो पाया है। दिसंबर में मुख्यमंत्री के आगमन पर काम में तेजी लाते हुए इसका लोकार्पण कराने की रूपरेखा बनाई गई मगर काफी काम बाकी रह जाने से ऐसा नहीं हो सका। हाइडिल मैदान में जनसभा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मार्च तक परियोजना से जलापूर्ति शुरू कराने का निर्देश दिया थ लेकिन ऐसा होना संभव नहीं दिख रहा।
बुधवार को सदर विधायक भूपेश चौबे जब परियोजना के निरीक्षण पर पहुंचे तो वहां की हालत देख दंग रह गए। अब भी 15 फीसदी से ज्यादा काम अधूरा था। भड़के विधायक ने कार्यदाई संस्था जलनिगम के एक्सईएन, जेई व कार्य करा रहे ठेकेदार को खूब डांट लगाई। फिर डीएम को भी फोन पर लापरवाही से अवगत कराया। विधायक वहां से भी संतुष्ट नहीं हुए तो सीधे कमिश्नर को फोन मिलाया। लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही। विधायक ने कहा कि यह क्षेत्र पहले से ही पानी के संकट से जूझता रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी के लिए मुसीबत बढ़ती जा रही है मगर अधिकारी इसके समाधान के लिए गंभीर ही नहीं दिख रहे। इस परियोजना में काफी लापरवाही बरती गई है। उन्होंने कहा कि वह सीएम के समक्ष मामले को उठाएंगे। दोषियों पर कार्रवाई और काम में तेजी लाते हुए इसे शीघ्र चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान संजू श्रीवास्तव, मनोज दुबे, बोला चेरो, गौरव शुक्ला, देवेंद्र सिंह, उत्कर्ष पांडे, शिवम, राजन आदि मौजूद रहे।