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Sonebhadra News: बालिका वधू बनने से बची नाबालिग, दोगुने उम्र के लड़के से हो रही थी शादी

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सोनभद्र। लगातार जागरूकता अभियान चलाने और कार्रवाई के बाद भी बाल विवाह के मामले नहीं रुक रहे। शुक्रवार की रात चाइल्ड लाइन की टीम ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बटबंतरा गांव में पहुंचकर नाबालिग की शादी रोकवा दी। किशोरी को विधिक संरक्षण में लेकर टीम आगे बढ़ी तो महिलाओं ने घेर लिया। एसपी के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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शुक्रवार को रात नौ बजे चाइल्ड लाइन के लोगों सूचना मिली कि सुकृत पुलिस चौकी क्षेत्र के बटबंतरा गांव में 14 वर्षीय किशोरी की शादी कराई जा रही है। इसके बाद जिला बाल कल्याण अधिकारी ने जिला समन्वयक मुकेश कुमार सिंह, चाइल्ड लाइन की सुधा गिरि और धर्मवीर की टीम गठित की।
सुकृत पुलिस से समन्वय बनाकर टीम रात 10 बजे के मौके पर पहुंची तो वहां मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में पूरी की जा रही थीं। टीम को देखते ही बिचौलिये वहां से भाग निकले। दूल्हे को फटकार लगाई गई और दुल्हन के परिजनों से बातचीत कर शादी रोकवा दी गई।
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उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणाम बताते हुए कार्रवाई के लिए भी चेताया गया। पता चला कि किशोरी छह बहनों में सबसे बड़ी है। उसके पिता नहीं है। मां पर छह बेटियों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है। उनकी गरीबी का फायदा उठाकर दोगुने उम्र के लड़के से शादी कराई जा रही थी।

किशोरी को लेकर टीम आग बढ़ी तो महिलाओं ने रोक लिया रास्ता
टीम किशोरी को विधिक संरक्षण में लेकर वहां से चलने लगी तो 40 से 50 महिलाओं ने रास्ता रोक लिया। टीम के लोगों ने तत्काल एसपी को सूचना दी। उन्होंने सुकृत चौकी की पुलिस को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। कुछ देर बाद पहुंची पुलिस ने 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी को अपराध बताते हुए लोगों को शांत कराया। इसके बाद टीम पीड़िता को लेकर बाल कल्याण समिति के पास पहुंची। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बाल गृह बालिका में आवासित करा दिया गया।

दलितों, आदिवासियों को बनाया जाता है निशाना
बिचौलिया गरीब परिवारों के मां-बाप को बरगलाते हैं और उनकी नाबालिग बेटियों की शादी ज्यादा उम्र के युवकों से तय कर देते हैं। ज्यादातर शादियां राजस्थान के लोगों से कराई जाती हैं। बिचौलिया इसके एवज में लड़के वालों से अच्छी रकम वसूलते हैं। दलित और आदिवासी वर्ग की कई लड़कियां हर साल ज्यादा उम्र के लोगों से ब्याह दी जाती हैं। कुछ वर्षों से सख्ती के कारण इसमें कमी आई है लेकिन अभी भी बिचौलियों के जरिये बाल विवाह हो रहे हैं।

वर्जन -
टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रोकवा दी। पीड़िता को बाल गृह बालिका में आवासित कराया गया है। उसे विधिक संरक्षण में लेने से गांव की महिलाओं ने रोका। सुकृत चौकी से पुलिस पहुंची, तब टीम पीड़िता को वहां से लेकर निकल पाई। - मुकेश कुमार, जिला समन्वयक, चाइल्ड लाइन।
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