जहां पर बरात दरवाजे पर आ गई थी और शादी करने की तैयारी चल रही थी। दुल्हन के रूप में सजी नाबालिग मंडप में अपने दूल्हे के आने और खुद वहां जाने का इंतजार कर रही थी। मगर इस बीच जरवाजे पर पहुंची टीम ने बालिका के माता - पिता से बालिका के उम्र के संबंध में साक्ष्य मांगा।
बालिका के उम्र के संबंध में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर उसकी उम्र महज 16 साल रही। टीम ने बालिका के माता- पिता व अन्य उपस्थित लोगों को बाल विवाह निषेध कानून के बारे में जानकारी दी। बाल विवाह से होने वाले हानियों के बारे में भी बताया। शादी रोकने को लेकर बराती और घराती पक्ष के लोगों ने विरोध किया।
माता-पिता व अन्य परिजनों से बातचीत के बाद भी बालिका की शादी की संभावना दिख रही थी। लिहाजा टीम ने नाबालिग को अपने अभिरक्षा में ले लिया। बाल कल्याण समिति सोनभद्र के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के साथ में लिए ले गई। टीम ने समिति के आदेशानुसार बालिका को बाल गृह बालिका उरमौरा राबर्टसगंज सोनभद्र में आवासित करा दिया है।