रेणुका नदी पर बहुप्रतीक्षित पुल का शिलान्यास बुधवार को समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर किया। करीब 73.25 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल से रेणुका नदी के दूसरी ओर बसे पचासों गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। अब तक उन्हें इसके लिए 14-15 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। पुल के अभाव में इस क्षेत्र में विकास भी प्रभावित था।
शिलान्यास के मौके पर राज्य मंत्री ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बीतने के बावजूद इस क्षेत्र में किसी सरकार ने एक पुल नहीं दिया। इससे रेणुकापार के पूरे क्षेत्र को काला पानी कहा जाता है। इस दाग को मिटाने के लिए अथक प्रयास कर मुख्यमंत्री से वार्ता कर रेणुका नदी पर पुल बनाने के लिए मंजूरी दिलाई। यह काम भाजपा की ही सरकार में संभव हो पाया। इस पुल का निर्माण होने से आदिवासियों सहित पूरे क्षेत्र के विकास का द्वार खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल बन जाने पर शादी विवाह में अब इस क्षेत्र की बरात भी द्वार तक पहुंचेगी। वहीं बीमार होने पर एंबुलेंस भी घर तक जाएगी। उन्होंने इस पुल निर्माण को लेकर आवाज उठाने के लिए सभी को धन्यवाद भी दिया। कार्यक्रम में ओबरा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रानमती देवी, एसडीएम जैनेंद्र सिंह, सेतु निगम के सहायक अभियंता रोहित अग्रवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष उमा शंकर सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश सिंह, मंडल अध्यक्ष ओबरा सतीश पांडेय, सुनील सिंह, धर्मराज सिंह, सुखनंदन चौरसिया, सुशील कुशवाहा, संजीव त्रिपाठी, सुनीता पांडेय, विमलेश शर्मा, पुष्पा दुबे, सत्य प्रकाश तिवारी, राज सुशील पासवान, भोला कन्नौजिया, पनारी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लक्ष्मण यादव, रविन्द्र यादव, अरविंद सोनी, समीर माली, वीरेंद्र यादव, शिशिर शर्मा आदि मौजूद रहे।
486 मीटर लंबा होगा पुल
पुल का निर्माण कर रहे उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता रोहित अग्रवाल ने बताया कि इस पुल की लंबाई 486.20 मीटर और चौड़ाई 15.614 मीटर होगी। पुल की कुल लागत 73 करोड़ 25 लाख 43 हजार है। ओबरा सी परियोजना के ऐश डैम की पाइप लाइन भी इसी पुल से होकर चकाड़ी में ऐश डैम तक जाएगी। पुल से दोनों किनारे 200 मीटर तक संपर्क मार्ग भी सेतु निगम बनाएगा। यह पुल 2024 तक बनकर तैयार होगा।