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Sonebhadra News: डाला-बिल्ली के 22 पट्टों से रोका गया खनन कार्य

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सोनभद्र। डाला-बिल्ली खनन क्षेत्र में आवंटित 22 पट्टों से खनन कार्य प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन पट्टों के संचालन के लिए राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईईआईए या सिया) से पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने पर यह कार्रवाई हुई है।
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एनजीटी के आदेश पर खनिज विभाग ने सभी पट्टाधारकों को नोटिस जारी कर आठ नवंबर की रात 12 बजे से संबंधित क्षेत्रों में किसी तरह का खनन कार्य न करने की हिदायत दी है। पहले से ही बदहाली से गुजर रहे खनन क्षेत्र में व्यवसाय प्रभावित होने के आसार बढ़े हैं। उधर, क्रशर एसोसिएशन भी इस मामले में आगे की रूपरेखा तैयार करने में जुट गया है।
जिले के डाला व ओबरा क्षेत्र में संचालित खदानों को पहले जिला स्तरीय समिति से ही पर्यावरणीय स्वीकृति लेनी पड़ती थी। इसी आधार पर इनमें खनन कार्य होता आ रहा है। एनजीटी ने ताजा आदेश में सभी खनन पट्टों को राज्य स्तर पर सिया से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य किया है। जिले में 22 खनन पट्टों को अब तक यह स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि उनकी ओर से इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर पत्रावली प्रेषित की जा चुकी है। स्वीकृति आदेश न मिलने के कारण खनन विभाग ने सभी 22 खनन पट्टों से खनन प्रतिबंधित कर दिया है। बृहस्पतिवार को इस संबंध में नोटिस पहुंचने के बाद खनन क्षेत्र में खलबली मच गई। डाला, बिल्ली, सिंदूरिया, बर्दिया व आसपास स्थित लगभग सभी खनन पट्टे इसके दायरे में आए हैं। खनन कार्य बंद होने से कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। महंगे परमिट के कारण पहले ही खनन कार्य काफी सीमित हो चुका था। अब नए आदेश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बाबत जिला खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर राज्य स्तर से पर्यावरण स्वीकृति न मिलने के कारण आवंटित पट्टों से खनन कार्य रोका गया है। आगे जो भी आदेश होगा, उसके अनुसार कार्रवाई जाएगी।
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खनन कार्य जारी रखने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति (कंसल्ट टू ऑपरेट) प्राप्त करना था। पट्टाधारकों की ओर से इसकी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मामला राज्य स्तर पर लंबित है। 22 पट्टों से खनन कार्य प्रतिबंधित किए जाने से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए आठ नवंबर को यूनियन कार्यालय पर सभी पट्टाधारकों की बैठक बुलाई गई है। इसमें आगे की रुपरेखा तय की जाएगी। - अजय कुमार सिंह, अध्यक्ष, डाला-बिल्ली क्रशर एसोसिएशन।
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