पश्चिम यूपी के बाद पूर्वांचल में भी बादलों की घेराबंदी के कारण तापमान में गिरावट होने से प्रदेश में बिजली की मांग में कमी का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह न्यूनतम मांग 10 हजार मेगावाट से भी नीचे आ गई। इससे बिजली घरों से लगातार थर्मल बैकिंग की जा रही है।
चक्रवाती तूफान की सक्रियता के कारण पूरे प्रदेश में आंधी-पानी का दौर जारी है। इससे तापमान में व्यापक गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार सुबह सूबे में बिजली की न्यूनतम मांग 9570 मेगावाट पहुंच गई। हालांकि इस दौरान अधिकतम मांग सोमवार के 14751 मेेगावाट के सापेक्ष 250 मेगावाट की बढ़ोतरी के साथ 15052 मेगावाट रही। मंगलवार शाम तक बिजली की मांग महज 9656 मेगावाट रही। मांग में कमी को देखते हुए जहां दूसरे दिन भी पारीछा व हरदुआगंज की इकाइयां रिजर्व शट डाउन पर रहीं। वहीं अनपरा स्थित बिजली घरों से थर्मल बैकिंग जारी रही। मंगलवार शाम को अनपरा ए से 355, बी से 535, डी से 541 और लैंको से 636 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया गया।
जल विद्युत संयंत्रों ने थामी कमान
ताप बिजली घरों से जहां दिन भर थर्मल बैकिंग जारी रही, वहीं जल विद्युत संयंत्रों को लगातार लोड पर रखा जा रहा है। मंगलवार को रिहंद हाइड्रो के तीन टरबाइनों से 82, ओबरा के दो टरबाइनों से 57 व खारा जल विद्युत के तीन टरबाइनों से 72 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा था।