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Mine Accident: खदान हादसे की जांच करेगी SIT, कई बड़े नाम रडार पर; गैर इरादतन हत्या का केस

Fri, 21 Nov 2025 05:33 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बीते शनिवार यानी 15 नवंबर को बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में 70 टन के चट्टान का टुकड़ा मजदूरों के ऊपर गिर गया था। इसमें सात लोगों की लाश निकाली गई थी। अब इस मामले को एसआईटी को साैंप दिया गया था।
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घायल मजदूर को लेकर जाते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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UP News: ओबरा खनन क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी में हुए खनन हादसे की जांच के लिए एसपी ने एसआईटी गठित की है। सीओ ओबरा हर्ष पांडेय की निगरानी में गठित एसआईटी में एक इंस्पेक्टर, दो एसआई समेत पांच सदस्य हैं। टीम हर दिन की प्रगति रिपोर्ट सीधे एसपी को उपलब्ध कराएगी। दावा किया जा रहा है कि मामले में जल्द ही बड़ी कार्रवाई सामने आएगी।

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गत 15 नवंबर को बिल्ली-मारकुंडी स्थित श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में चट्टान धसकने से कई मजदूर दब गए थे। करीब 70 घंटे तक चले रेक्स्यू अभियान में सात मजदूरों के शव बरामद किए गए। मामले में खदान मालिक, पार्टनर मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। 

उनकी गिरफ्तारी व मामले की जांच के लिए एसपी ने तीन टीमें गठित की थी। जांच में तेजी लाने के लिए जहां अब पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं नियम विरुद्ध खनन और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई में तेजी के लिए सीओ ओबरा को निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

बताया जा रहा है कि एसआईटी ने गठन के साथ ही जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक कुछ पेटीदारों के साथ कुछ बड़े नामों को चिह्नित भी किया गया है। खदान संचालकों, कथित हिस्सेदारों के साथ ही खनन कार्य में शामिल पेटीदारों की भी भूमिका जांची जा रही है। बताया जा रहा है कि अब तक जांच टीम के दायरे में पांच से सात नाम सामने आ चुके हैं। माना जा रहा है जल्द ही एसआईटी बड़े खुलासे के साथ बड़ी कार्रवाई करती नजर आ सकती है।
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अमर उजाला की खबर बनेगी जांच का आधार
जिस खदान में हादसा हुआ उसमें खान सुरक्षा निदेशालय की ओर से सिर्फ सुधारात्मक कार्य की अनुमति दी गई थी। अमर उजाला में प्रकाशित इस खबर के तथ्य भी पुलिस की जांच में अहम रूप में शामिल किए गए हैं। पुलिस ने डीजीएमएस से संपर्क कर इससे जुड़ी जानकारी और प्रपत्र भी जुटाए हैं। जब सुधारात्मक कार्य की ही अनुमति थी तो फिर किसके संरक्षण और किन परिस्थितियों में खनन कार्य कराया जा रहा था।
खदान हादसे की जांच में तेजी लाने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। सीओ ओबरा की निगरानी में सभी बिंदुओं के आधार पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। नियम विरुद्ध खनन और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार हैं? सभी की भूमिका जांची जा रही है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई की आएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र।
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