बताया जा रहा है कि एसआईटी ने गठन के साथ ही जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक कुछ पेटीदारों के साथ कुछ बड़े नामों को चिह्नित भी किया गया है। खदान संचालकों, कथित हिस्सेदारों के साथ ही खनन कार्य में शामिल पेटीदारों की भी भूमिका जांची जा रही है। बताया जा रहा है कि अब तक जांच टीम के दायरे में पांच से सात नाम सामने आ चुके हैं। माना जा रहा है जल्द ही एसआईटी बड़े खुलासे के साथ बड़ी कार्रवाई करती नजर आ सकती है।
अमर उजाला की खबर बनेगी जांच का आधार
जिस खदान में हादसा हुआ उसमें खान सुरक्षा निदेशालय की ओर से सिर्फ सुधारात्मक कार्य की अनुमति दी गई थी। अमर उजाला में प्रकाशित इस खबर के तथ्य भी पुलिस की जांच में अहम रूप में शामिल किए गए हैं। पुलिस ने डीजीएमएस से संपर्क कर इससे जुड़ी जानकारी और प्रपत्र भी जुटाए हैं। जब सुधारात्मक कार्य की ही अनुमति थी तो फिर किसके संरक्षण और किन परिस्थितियों में खनन कार्य कराया जा रहा था।
खदान हादसे की जांच में तेजी लाने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। सीओ ओबरा की निगरानी में सभी बिंदुओं के आधार पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। नियम विरुद्ध खनन और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार हैं? सभी की भूमिका जांची जा रही है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई की आएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र।