घोरावल। विकास खंड घोरावल के कुसुम्हा गांव के मजदूरों ने बीडीसी मोहनलाल बियार के नेतृत्व में मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालय खरुआंव पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए धरना दिया। इसके बाद खंड विकास अधिकारी उमेश सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मजदूरों ने मनरेगा के कार्यों में अनियमितता और मजदूरी न मिलने का आरोप लगाया। चार महीने पहले हुए कार्य की मजदूरी नहीं मिलने से कोरोनाकाल में संकट छाया है।
मजदूरों ने कहा है कि चार महीने पहले कुसुम्हा गांव में 200 मजदूरों ने मनरेगा योजना के अंतर्गत 17 दिन तक चकरोड का काम किया। इसके अलावा विद्यालय, स्कूल, तालाब, बाउली इत्यादि मदों में भी काम कराया गया। काम कराने के बाद मजदूरों को सिर्फ दो से चार दिन की मजदूरी का भुगतान किया गया। कई महीने बीत जाने के बाद आज तक उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। मजदूरों का आरोप है कि कई लोगों से सिर्फ कागजों पर ही काम कराकर उनका भुगतान कर दिया गया है। ग्राम सभा में अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से मजदूरों की हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दोहन किया जा रहा है। फर्जी लोगों को भुगतान कर धन का बंदरबांट कर लिया जाता है। मजदूरों ने खंड विकास अधिकारी से मांग की है कि एक एक मजदूर के कार्यों की जांच करें। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए और मजदूरों को उनकी मजदूरी दी जाए। बीडीओ उमेश सिंह ने मजदूरों को आश्वासन दिया कि इस मामले में जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर शंकर प्रसाद, सूरज, मोतीलाल बियार, श्यामलाल, शिवनाथ, रामलाल, सुरेश, रामचंदर, शिवप्रसाद, गुलाब, जवाहिर, रामलखन, अमरेश, रामललित आदि मौजूद रहे।