मई माह के शुरू होते ही सोनांचल में गर्मी ने प्रचंड रूप अख्तियार कर लिया है। बुधवार को पारा चढ़ने के साथ ही तापमान 43 डिग्री सेल्सियस हो गया है। बिजली, पानी के संकट के साथ ही गर्म हवाओं के थपेड़ों और बढ़ी गर्मी ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। तपती दोपहरिया में लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। सड़कें सूनी सी हो जा रही हैं।
गर्मी की शुरूआत से ही कभी धूप और कभी छांव की स्थिति थी, लेकिन अब गर्मी का प्रचंड रूप सामने आने लगा है। बुधवार को तापमान अधिकतम 43 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा।
बुधवार की सुबह सात बजे ही लोगों को धूप महसूस होने लगी थी और फिर आठ बजते-बजते तो कड़ी धूप ने लोगों को बेचैन कर दिया। आठ बजे के बाद लोग घरों से छाता और गमछा लेकर निकल रहे थे। घरों से काम से बाहर निकले लोग भी कड़ी धूप से निजात पाने के लिए छांव की तलाश करते नजर आए। खासतौर पर राबर्ट्सगंज में रोडवेज बस स्टैंड में कहीं बैठने तक की व्यवस्था न होने के चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। चिलचिलाती धूप और प्रचंड गर्मी में भी विद्यालयों के खुले होने का असर सीधे तौर पर बच्चों पर दिख रहा है। दोपहर में विद्यालय से छूटकर घर जाने वाले बच्चों के चेहरे कड़ी धूप से लाल हो रहे हैं।
तेज गर्मी के नाते बिजली और पानी का भी संकट गहरा गया है। दिन में कई बार बिजली की कटौती हो रही है। किसी न किसी तरह की फाल्ट की वजह से आपूर्ति ठप हो जा रही है जिससे घरों में भी लोग गर्मी से बेचैन हो रहे हैं। जल स्तर भी काफी नीचे चला गया है जिससे पानी का संकट बढ़ गया है। बुधवार को सूर्य ढलने के बाद लोगों ने हल्की राहत महसूस की।