सोनभद्र। राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। उन्होंने जिला अस्पताल, महिला बंदी गृह, वन स्टॉप सेंटर और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का भी भ्रमण किया। भीषण गर्मी के बाद भी अस्पताल के पोस्ट डिलीवरी वार्ड में सिर्फ पंखे चल रहे थे। एसी खराब हाेने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत ठीक कराने को कहा।
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में बेड से सटाकर डस्टबीन रखे जाने पर भी महिला आयोग की सदस्य नाराज हो गईं। सीएमएस को निर्देशित करते हुए कहा कि साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित कराएं। वार्ड में गंदगी न रहे। इसी प्रकार पोस्ट डिलीवरी वार्ड में भी निरीक्षण के दौरान खामियां सुधारने के निर्देश दिए। गुरमा जेल के महिला बंदी गृह में विचाराधीन महिला कैदियों से सीधा संवाद किया। जेलर को निर्देशित किया कि सजायाफ्ता कैदियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिलाने के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार करें। महिला बंदी गृह में महिला स्वीपर न होने की शिकायत पर उन्होंने जेलर को इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान परिसर को साफ सुथरा रखने, निर्धारित मीनू के अनुसार नास्ता, भोजन आदि की व्यवस्था करने को कहा। छात्राओं को खेलों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले सर्किट हाउस सभागार में जन सुनवाई की। उन्होंने कहा कि हर हाल में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाय। महिलाएं भी अपने घर परिवार को देखते हुए समाज की मुख्य धारा से जुड़ें और जागरूक हों। महिला उत्पीड़न के प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी इंद्रावती कुमारी, एडीआईओ विनय कुमार सिंह, महिला थानाध्यक्ष सविता सरोज, गायत्री दुबे, आकांक्षा पांडेय आदि उपस्थित रहे।