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अफसरों की अनुपस्थिति पर भड़के सदस्य, स्थगित हुई बैठक

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सोनभद्र। जिले के विकास का खाका खींचने के लिए शनिवार को बुलाई गई जिला पंचायत समिति की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। पूर्व सूचना के बाद भी किसी अधिकारी के बैठक में न पहुंचने से नाराज सदस्यों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। एएमए ने अनुपस्थित अफसरों से जवाब तलब करने को कहा, मगर सदस्यों ने इसे एएमए के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए हंगामा मचाते रहे। बाद में अध्यक्ष ने बैठक को स्थगित कर दिया। अब 25 सितंबर को बैठक की जाएगी।
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जिला पंचायत समिति के गठन के बाद पहली बैठक परिचय तक सिमट गई थी। दूसरी बैठक में समितियों का गठन करते हुए सदस्यों से प्रस्ताव देने को कहा गया था। इस बार बैठक में प्रस्तावों पर मुहर लगनी है। क्षेत्र की समस्याओं को भी सदस्य सदन में उठाने की तैयारी में थे। शनिवार को तय समय पर बैठक शुरू हुई तो किसी भी अधिकारी को न देख सदस्य भड़क उठे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि बैठक की सूचना पूर्व में ही सभी को भेजी जा चुकी है। बावजूद अफसरों की उपस्थिति चिंताजनक है। इससे पहले 14 सितंबर को विधानसभा की उप समिति के आगमन के कारण बैठक स्थगित की थी। तब भी अफसरों की व्यस्तता का हवाला दिया गया था। इस बार भी जब कोई अधिकारी नहीं आया तो बैठक का औचित्य क्या है।
सपा नेता जयप्रकाश उर्फ चेखुर पांडेय ने इसे मिनी सदन की उपेक्षा बताया। कहा कि यह पहली बार हो रहा है, जब मिनी सदन की बैठक में अधिकारियों ने हिस्सा लेने की जरुरत नहीं समझी। इससे जिले के विकास के प्रति उनकी सोच को समझा जा सकता है। हंगामा मचा रहे सदस्यों को एएमए प्रदीप कुमार सिंह ने यह कहकर शांत करने की कोशिश की कि अनुपस्थित अफसरों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इस पर सदस्य और भड़क गए। उन्होंने सीडीओ, डीडीओ जैसे कई अफसरों को नोटिस देना एएमए के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। बाद में अध्यक्ष राधिका पटेल ने बैठक स्थगित करने की घोषणा की। एएमए प्रदीप सिंह ने बताया कि अगली बैठक 25 सितंबर को रखी गई है।
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