शक्तिनगर। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में शुक्रवार को लोकायुक्त रीवा संभाग की टीम ने एक महिला से रिश्वत लेते चिकित्सा अधिकारी और सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया। महिला के पति की सर्पदंश से मौत हुई थी। मुआवजे की राशि से दोनों एक लाख रुपये मांग रहे थे।
पीड़ित महिला चितरंगी के बगैया निवासी फूलमती सिंह के पति जयपाल सिंह की इसी साल जून में सर्पदंश से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश को मौत की वजह लिखने के लिए सीएचसी चितरंगी के चिकित्सा अधिकारी डॉ.अमरजीत सिंह ने एक लाख रुपये की मांग की।
इसके लिए चिकित्सा सुपरवाइजर राजकुमार बैस माध्यम बना। पीड़ित महिला को सरकार की तरफ से मिलने वाली मुआवजा राशि प्राप्त होने पर आरोपियों ने रुपये के लिए दबाव बढ़ा दिया। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। इस पर लोकायुक्त संभाग रीवा के एसपी सुनील कुमार पाटीदार ने शिकायत की सत्यापन कराया।
पुष्टि के बाद एसपी के निर्देशन में टीम गठित कर आरोपी डॉ.अमरजीत सिंह चिकित्सा अधिकारी को सीएचसी चितरंगी में 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनयम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कार्रवाई टीम में लोकायुक्त के निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया, निरीक्षक एसराम मरावी, मुकेश मिश्रा, सुरेश कुमार, पवन पांडेय, दिलीप पटेल, शिवेंद्र मिश्रा, लवलेश पांडेय एवं स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहा।