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Sonebhadra News: मेडिकल कॉलेज में रोजाना 15 यूनिट ब्लड की मांग, 100 से अधिक का स्टॉक

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सोनभद्र। तपिश के समय रक्तदान के प्रति रुझान कम होने के चलते ब्लड बैंकों में अक्सर खून के कमी की स्थिति बन जाती है, लेकिन मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। रोजाना 15 यूनिट ब्लड की मांग आ रही है। थैलीसीमिया मरीजों और किडनी रोगियों के डायलिसिस के लिए भी खून की जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक के काउंसलर डाॅ. रवींद्र प्रसाद ने बताया कि इसको देखते हुए रोजाना 100 से अधिक यूनिट का स्टॉक बनाकर रखा जा रहा है। उपलब्धता बनाए रखने के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किए जाने के साथ ही, नियमित रक्तदाताओं की भी एक बड़ी चेन बनाई गई है।
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आंकड़े बताते हैं कि फिलहाल यहां रोजाना 10 से 12 यूनिट खून की मांग पहुंच रही है। वहीं चार से पांच डायलिसिस और 55 थैलीसीमिया मरीजों के लिए हर महीने ब्लड की जरूरत पड़ती है। कुछ थैलीसीमिया मरीज ऐसे भी हैं जिनका खून महीने में दो बाद बदलना पड़ता है। स्थिति और मांग को देखते हुए यहां रोजाना 100 से अधिक का स्टॉक बनाए जाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए विभिन्न संस्थाओं, निजी परियोजना प्रबंधनों से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं नियमित (प्रत्येक तीन महीने पर) रक्तदान करने वालों की भी एक चेन बनाई जा रही है। इनकी संख्या फिलहाल 125 को पार कर चुकी है।
ओ पॉजिटिव ब्लड की मांग सबसे ज्यादा
जिले में ओ पॉजिटिव ग्रुप के ब्लड की सबसे ज्यादा मांग है। इसको देखते हुए बुधवार को जहां इस ग्रुप का 71 यूनिट ब्लड स्टॉक में रखा गया था। ए पॉजिटिव गुप का पांच, बी पॉजिटिव ग्रुप का 32, एबी पॉजिटिव ग्रुप का 23, बी निगेटिव ग्रुप का एक यूनिट कुल 132 यूनिट खून सुरक्षित रखा गया था। निगेटिव ग्रुप के खून की मांग न के बराबर देखते हुए, इससे जुड़े रक्तदाताओं की रजिस्ट्रेशन सूची रखी गई थी ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
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