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Sonebhadra News: भोर में चली हवा से अधिकतम पारा में मामूली गिरावट, न्यूनतम पारा बढ़ा

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राबट्सगंज में प्रचंड धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकली महिला।संवाद
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सोनभद्र। नौतपा के दूसरे दिन मंगलवार को भोर में ठंडी हवा बहने का असर अधिकतम तापमान में गिरावट के रूप में देखा गया। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम पारा में 0.8 डिग्री कम रहा। हालांकि न्यूनतम पारा में 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज हुई। सुबह थोड़ी राहत के बाद पूरे दिन चले लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल रहा। दोपहर में रॉबर्ट्सगंज नगर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह के मुताबिक मंगलवार को न्यूनतम पारा 27.6 और अधिकतम पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। इसके मुकाबले सोमवार को न्यूनतम पारा 27.1 और अधिकतम पारा 44.0 डिग्री सेल्सियस मापा गया था। जबकि रविवार को न्यूनतम पारा 29.4 और अधिकतम पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। इस तरह से बीते 24 घंटे में अधिकतम पारा 0.8 डिग्री सेल्सियस गिरा है और न्यूनतम पारा में 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज हुई है। उधर, भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रविशंकर सिंह एवं तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार तापमान में क्रमिक गिरावट होने की संभावना है। 29 मई से आसमान में कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं। बादलों की सक्रियता के कारण कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की गति सामान्य से अधिक रह सकती है। अगले सप्ताह न्यूनतम तापमान 28.0 से 30.0 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 36.0 से 43.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम सापेक्ष आर्द्रता 18 से 41 प्रतिशत तथा अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 64 से 83 प्रतिशत तक रह सकती है। हवा की गति 3 से 23 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रहने की संभावना है।
किसानों के लिए सलाह
तेज हवा और गरज-चमक को देखते हुए खेतों में रखी उपज एवं कृषि उपकरण सुरक्षित स्थान पर रखें। हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए सिंचाई कार्य मौसम को ध्यान में रखकर करें। सब्जी एवं बागवानी फसलों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। पशुपालक पशुओं को खुले स्थान पर बांधने से बचें तथा बारिश और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रखें। कीटनाशक एवं उर्वरक का छिड़काव तेज हवा या बारिश की संभावना वाले समय में न करें। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नियमित रूप से मौसम अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
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