घोरावल में पैदल मार्च करते जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता।
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घोरावल। प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, किसानों की समस्या और बेरोजगारी के विरोध में सोमवार को जन अधिकार पार्टी और भागीदारी संकल्प मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को खुटहां से तहसील मुख्यालय तक पैदल मार्च किया। तहसील में राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार विकास पांडेय को सौंपा गया।
इस दौरान जन अधिकार पार्टी के मिर्जापुर मंडल अध्यक्ष भागीरथी सिंह मौर्य कहा कि अपराध वृद्धि से जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है और अपराधी गुंडे बेलगाम हो गए हैं। सरकार पंगु हो गई है। प्रदेश में बलात्कार, हत्या जैसी घटनाएं आम हो गई है आम जनमानस में भय व्याप्त है। महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है सरकार अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के बजाय शांत बैठी है। सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों को पूंजीपतियों के हाथों औने पौने दामों पर बेच कर देश को बर्बाद करना चाहती है और युवाओं को बेरोजगारी की तरफ ले जाना चाहती है। पिछड़े वर्ग को मेडिकल सहित सभी क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने को लेकर क्रीमीलेयर को समाप्त करने या कम से कम पंद्रह लाख करने की भी मांग की। अपना दल कमेरवादी के जिलाध्यक्ष सीडी सिंह पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया कृषि बिल पूरी तरह से किसान के विरोध में है, जिससे किसान शोषण का शिकार होगा। इस अवसर पर चंद्रशेखर मौर्य, विनोद मौर्या, कार्तिकेय, श्रीपति विश्वकर्मा, मिथिलेश, गंगेश्वर पटेल, नीतू, रीमा मौर्या, लीलावती, विष्णु पटेल, दीपनारायण प्रजापति, रामसिंह, जसवंत सिंह, अरुण, परमानंद, सुभाष, हेमराज,मनोज कुमार रहे। संचालन रविरंजन शाक्य ने किया।