इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर मनरेगा के तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम बुधवार को फिर जिले में पहुंची। टीम के सदस्यों ने गुरुवार को चुर्क स्थित एक गेस्ट हाउस में कई कर्मचारियों से पूछताछ की।
इस बार सीबीआई प्रशासनिक अधिकारियों से दूरी बना कर जांच पड़ताल कर रही हैै। सूत्रों की मानें तो सीबीआई कुछ लोगों को हिरासत में ले सकती है।
जिले मेें वर्ष 2009 से 2011 के बीच मनरेगा के धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट हुई है। आरोप है कि जिलास्तरीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार रपटा, सड़क, चेकडैम के निर्माण में करोड़ों रुपये डकार गए।
हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की सीबीआई जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो गुरुवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी आरआर त्रिपाठी के निर्देश पर तीन टीमों ने वर्ष 2009 से 2011 के बीच घोरावल, चतरा, म्योरपुर, राबर्ट्सगंज ब्लाक में तैनात रहे कई सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत, बाबू से पूछताछ की।
सीबीआई के अधिकारियों ने मनरेगा घोटाले मेें संलिप्त कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लेने की तैयारी शुरू कर दी है।