सोनभद्र। नक्सल प्रभावित जिले मेें विकास परियोजनाओं की गति सुस्त है। कई परियोजनाओं का काम जांच की आंच की वजह से रफ्तार नहीं पकड़ सका है तो कई परियोजनाओं का काम समय से बजट न मिलने के कारण लंबा खिंच गया। हाल ये है कि वर्षों से चल रही कई परियोजनाओं का काम एक चौथाई भी पूरा नहीं हो सका है। बीते दिनों जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्यों में तेजी लाने की हिदायत दी गई है।
जिले में 50 लाख से अधिक की करीब 198 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें आवासीय भवन, सड़क, पुल, सरकारी कार्यालय, अस्पताल सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। वर्षों से चली आ रही कई विकासपरक परियोजनाओं की समय सीमा समाप्त हो गई है लेकिन परियोजनाओं का काम पूर्ण नहीं हो सका है। आंकड़ों पर गौर करें तो 198 में से अभी करीब 158 परियोजनाओं का काम अधूरा है। अगले महीने तक सिर्फ 40 परियोजनाओं का काम पूर्ण होने की स्थिति में हैं। डीएम के निर्देश पर परियोजनाओं के सत्यापन के लिए 27 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
थाना परिसर में बन रहे आवासीय भवनों का निर्माण अधूरा
जिले के करमा, घोरावल, महिला थाना सहित कुल नौ थाना परिसर में आवासीय भवन का निर्माण कार्य पीडब्लूडी करा रहा है। इसमें सिर्फ महिला थाना परिसर में बन रहे आवासीय भवन का काम पूरा हुआ है। हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है। शेष थाना परिसर में बन रहे आवासीय भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के मुताबिक समय से धन न मिलने के कारण विलंब हो रहा है।
वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण भी पूरा नहीं
कोन ब्लॉक अंतर्गत सोन नदी पर करोड़ों की लागत से पुल का निर्माण चल रहा है। घोरावल ब्लॉक के कोलियाघाट मार्ग पर भी पुल बन रहा है। दोनों ही पुल के निर्माण कार्य की अवधि पूरी हो गई है लेकिन काम पूरा नहीं हो सका है। इसी तरह मिर्जापुर-सोनभद्र सीमा पर स्थित बकहर नदी पर पुल का निर्माण कार्य वर्षों बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। सत्ता परिवर्तन के बाद इस पुल निर्माण के लिए धन आवंटित नहीं हुआ।
पीएचसी नहीं हो सका उच्चीकृत
चतरा ब्लॉक में पीएचसी उच्चीकृत कर सीएचसी बनना था। निर्माण कार्य 2009 में उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने शुरू किया। वर्ष 2011 में कार्य बंद कर दिया गया। पांच वर्ष बाद मंडलायुक्त ने जांच कर रिपोर्ट तलब की और निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता और ठेकेदार पर अप्रैल 2018 में मुकदमा दर्ज किया गया। उसके बाद से निर्माण कार्य बंद है। अगर समय से सीएचसी बन जाता तो इससे 60 ग्राम पंचायत के लगभग 150 राजस्व गांव के नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती।
जिले में 50 लाख से अधिक लागत की करीब 198 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बीते अप्रैल माह से अब तक करीब 40 परियोजनाएं पूरी हुई है। शेष परियोजनाओं पर काम चल रहा है। - ओमप्रकाश यादव, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सोनभद्र।