बिल्ली मारकुंडी स्थिति श्री कृष्णा माइनिंग में धसकी खदान।स्रोत जागरूक पाठक
ओबरा (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार की दोपहर बाद ड्रिलिंग के दौरान पत्थर की खदान धंस गई। इससे खदान में काम कर रहे कई मजदूरों के दबने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 15 से ज्यादा लोग मौके पर काम कर रहे थे। हादसे के वक्त खदान में नौ कंप्रेशर मशीनों से ब्लास्टिंग के लिए होल किए जा रहे थे। सूचना पर डीएम, एसपी सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। हादसे में दो मजदूरों के मौत की चर्चा थी, लेकिन अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई।
चंद किलोमीटर दूरी चोपन में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर खनन क्षेत्र में शनिवार को ब्लास्टिंग बंद थी। लेकिन राजकीय पीजी काॅलेज ओबरा के पास मेसर्स कृष्णा माइनिंग के नाम से आवंटित खदान में ब्लास्टिंग के लिए होल बनाने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस काम में नौ कंप्रेशर मशीनें और 18 से ज्यादा मजदूर लगे थे। बताया जा रहा कि दोपहर करीब ढाई बजे अचानक एक तरफ की चट्टान धंस गई। मलबा करीब डेढ़ सौ फीट नीचे गिरा। कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन अल्ट्राटेक, ओबरा व अन्य परियोजनाओं के राहत दल की मदद से बचाव कार्य शुरू कराया गया।
डीएम बद्रीनाथ सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा सहित पुलिस-प्रशासन के अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। ज्यादातर मजदूर पनारी गांव के हैं। प्रधान पति लक्ष्मण यादव ने गांव के दो मजदूरों की मौत का दावा किया। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। पोकलेन से मलबा हटाने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन खदान काफी गहरी होने के कारण राहत कार्य में दिक्कत आ रही है।
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मेसर्स कृष्णा माइनिंग में हादसा हुआ है। कुछ लोगों के मलबे में दबने की आशंका है। राहत कार्य जारी है। वाराणसी से एनडीआरएफ और मिर्जापुर से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। मलबा हटने के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी। पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। - बद्रीनाथ सिंह, डीएम।
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बिरसा मुंडा जयंती पर इस तरह की घटना काफी दुखद है। सरकार की संवेदना प्रभावित परिवारों के साथ है। कार्य बंद किए जाने की पूर्व सूचना के बाद भी किन परिस्थितियों में कार्य कराया जा रहा था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - संजीव सिंह गोंड, राज्य मंत्री, समाज कल्याण।