भगवान शिव ने माता गौरा को पहनाई जयमाला
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लौवा पहाड़ी, हीरेश्वर महादेव मंदिर बीड़र एवं मल्देवा में कैलाश कुंज द्वार समेत अन्य शिवालयों पर भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। दोपहर करीब तीन बजे से नगर में शिव बरात निकली। दूल्हा बनकर नंदी पर सवार हुए भगवान शिव की बरात नगर के प्राचीन शिवाला मंदिर व बीड़र में स्थित शिव मंदिर से निकली। महिलाओं ने भगवान शिव का श्रृंगार किया।
बरातियों को लेकर भगवान ब्रह्मा, विष्णु के साथ अन्य देवी देवता हीरेश्वर महादेव मंदिर बीड़र व कैलाश कुंज द्वार मल्देवा की ओर चल पड़े। बरात में भूत, पिशाच, बानर आदि का वेश धरे बच्चों के साथ ही कई आदिवासी महिला पुरुष करमा, शैला सरीखे परंपरागत नृत्य करते रहे। रास्ते में विभिन्न संगठनों ने स्टॉल लगाकर बरातियों का स्वागत किया।
मां पार्वती के मायके कैलाश कुंज में अगुआ डॉ. लवकुश प्रजापति और हीरेश्वर महादेव मंदिर में रवींद्र जायसवाल ने पूरी व्यवस्था संभाली। जयमाल का अनुपम दृश्य लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा। बरात में चंद्रिका प्रसाद आढ़ती, भोला बाबू, अरुणोदय जौहरी, प्रदीप कुमार, प्रेमचंद आढ़ती, राजेश्वर बाबू राजू, कन्हैया लाल अग्रहरि, पंकज कुमार बुल्लू, बालकृष्ण जायसवाल, नीरज जायसवाल, कमल कानू आदि शामिल रहे।
सुरक्षा के मद्देनजर एएसपी कालू सिंह, कोतवाल मनोज कुमार सिंह फोर्स के साथ मौजूद रहे।