देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अध्यक्ष एस भट्टाचार्य ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) परिक्षेत्र का दो दिवसीय दौरा कर उत्पादन की स्थिति जानी।
अधिकारियों के साथ बैठक कर बेहतर कार्य की रणनीति भी बनाई। कहा कि भारी मशीनों (एचईएमएम) की आपूर्ति एवं इनके सर्विस और मेंटिनेंस को बेहतर बनाकर कोयला उत्पादन बढ़ाया जाएगा। सीआईएल बिजली उत्पादन के लिए कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने को लेकर पूरी तरह प्रयासरत है।
गत पांच जनवरी को सीआईएल के अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के पश्चात पहली बार सिंगरौली पहंचे भट्टाचार्य ने एनसीएल के सीएमडी तापस कुमार नाग, निदेशक मंडल, बीईएमएल के अध्यक्ष पी द्वारकानाथ, एचईसी के अध्यक्ष अभिजीत घोष और सीआईएल के निदेशक (मार्केटिंग) बीके सक्सेना के साथ बुधवार शाम और गुरुवार की दोपहर बैठक की।
इस दौरान एनसीएल को बीईएमएल तथा एचईसी की ओर से आपूर्ति की जा रही भारी मशीनों, कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) सहित मशीनों के कलपूर्जों से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा की गई।
इस दौरान उत्पादन की बेहतरी को लेकर कई विभागीय निर्णय भी लिए गए। गुरुवार सुबह एनसीएल मुख्यालय स्थित केंद्रीय उत्खनन प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई) में लगे डम्पर सिम्युलेटर का निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि एनसीएल कोल इंडिया लिमिटेड की इकलौती ऐसी अनुषंगी कंपनी है, जहां डम्पर सिम्युलेटर लगाया गया है।
इसके जरिए डम्पर आपरेटरों को प्रशिक्षण दिया जाता है। निगाही परियोजना के खदान का भी निरीक्षण किया और जरूरी जानकारियां हासिल की।