नोटबंदी का एक स्याह पक्ष्ा यह भी सामने आ रहा है कि शादी-व्याह के लिए पर्याप्त धन बैंकों से नहीं मिल रहा। इस वजह से कई जगहों पर या तो शादी को टाल दिया जा रहा है या रस्म अदायगी तक ही बात रुक जा रही है। इसी तरह से चीकू टोला की लकी के हाथ पीले होने में नोटबंदी से दिक्कत आ रही है। बिन मां-बाप की बेटी लकी (18) की शादी के लिए लड़का देखा जा चुका है। लेकिन बैंक से पर्याप्त धन नहीं मिलने से उसका लालन-पालन करने वाले चाचा परेशान हैं। यहां तक कि शादी के पूर्व छेकाई की रस्म अदायगी तक के लिए परिवार के पास पर्याप्त धन नहीं है। रिश्तेदार, नातेदार इस बात को लेकर परेशान हैं कि आखिरकार बिन माता-पिता वाली इस लड़की की शादी कैसे होगी।
सितंबर 2003 में चीकू टोला में अज्ञात हत्यारों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी थी। उस समय लकी महज पांच साल की थी। हत्यारों ने उसके माता-पिता के साथ ही भाई को भी मौत के घाट उतार दिया। इस हत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी है। अब जबकि लकी युवा हो गई है ऐसे में उसके रिश्तेदारों ने उसकी शादी तय कर दी। माता-पिता की हत्या के बाद जो पैसा मिला था वह लकी के नाम जमा हो गया था। अब वह पैसा निकालने में लकी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लकी की मानें तो 13 दिसंबर को उसकी छेेकाई की रस्म होनी है। इसके लिए उसे बैंक से पैसे नहीं मिल रहे। बैंक वाले सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। लकी का इलाहाबाद बैंक चपकी और यूपी ग्रामीण बैंक में खाता है। पैसा न मिलने से घर में मायूसी है। लकी भी पैसा न मिलने के कारण आहत है। लकी की माने तो जब शादी की तिथि में ही पैसा नहीं मिल रहा तो शादी कार्यक्रम कैसे संपन्न होगा। जब इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक जीडी गौड़ से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि कैश की कमी होने के कारण भुगतान नहीं किया जा सका है। मंगलवार को बैंक खुलने के बाद कैश को देखते हुए भुगतान कराया जायेगा।