राबट्सगंज में परशुराम जयंती पर पूजन अर्चन करते केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के लोग।संवाद
सोनभद्र/ओबरा। भगवान परशुराम की जयंती रविवार को जिले में मनाई गई। विभिन्न संगठनों ने हवन कर भगवान परशुराम का स्मरण किया और धर्म की रक्षा के लिए उनके सिद्धांतों पर अमल का संकल्प दोहराया।
केंद्रीय ब्राह्मण महासभा की ओर से रविवार को बभनौली कॉलोनी स्थित कार्यालय पर भगवान परशुराम जयंती पर अध्यक्ष संजय मिश्रा के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन किया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम को न्याय, साहस और धर्म का प्रतीक माना जाता है। वे भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं और आठ चिरंजीवियों में शामिल हैं। इस दौरान उनके पराक्रम, त्याग और शिक्षाओं को याद करते हुए समाज में सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गजेंद्र दीक्षित, संदीप मिश्रा, मोहर देव पांडेय, विवेक पांडेय, रवि तिवारी, विमलेश तिवारी, पंकज देव पांडेय आदि मौजूद रहे। वहीं सपा कार्यकर्ताओं ने रामजानकी मंदिर परिसर में कार्यक्रम किया। जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय अधर्म अनीति को चुनौती देते हुए सत्य की स्थापना की। मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम हम सबके आदर्श हैं। अध्यक्षता सपा नगर अध्यक्ष सरदार पार ब्रह्मसिंह ने किया। कार्यक्रम में नगर सचिव मनीष केडिया, सुरेश पटेल, राजू पासवान, हीरा सोनकर, मनोज भारती आदि मौजूद रहे। उधर, ओबरा में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज की ओर से भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की गई। अध्यक्षता कर रहे ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष नंदलाल पांडेय ने कहा कि यह दिन ज्ञान, साहस और अन्याय के अंत का प्रतीक है। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के देवानंद मिश्र, डॉ. एके पांडेय, उमा शंकर तिवारी, डॉ. जीएन पाठक, अगस्त शुक्ला, नरसिंह त्रिपाठी, एलबी पांडेय, श्याम जी पाठक आदि मौजूद रहे।