पिथौरागढ़ स्टेट बैंक में भुगतान पाने के लिए लगी भीड़
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नोटबंदी के बाद से लोग कई तरह की समस्याओं से गुजर रहे हैं। बैंकों से सीमित धन मिलने से लोग परेशान हो रहे हैं। एटीएम भी लोगों का साथ नहीं दे रहे। अब हाल यह हो गया है कि फुटकर पैसों के लिए लोगों को अभी और तरसना होगा। वजह कि सोमवार को बैंकों में सिर्फ दो हजार रुपये वाली ही करेंसी पहुंची है। इससे घरेलू खर्च के साथ ही अन्य कारोबार भी प्रभावित रहेेंगे। हालांकि यह करेंसी भी सिर्फ इतनी ही आई कि कि अधिकतम चार दिन काम चल सकेगा।
पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट को प्रचलन में बंद हुए करीब एक माह होने को हैं, लेकिन अब तक पांच सौ की नई करेंसी का दर्शन जिले के बैंक उपभोक्ताओं को नहीं हो सका है। करीब 27 दिन बाद भी बैंकों में धन की कमी है, जिससे लेनदेन में काफी परेशानी हो रही है। बैंकों से लोगों को या तो दस रुपये के सिक्के मिल रहे हैं, या फिर दो हजार की नोट।
फुटकर का संकट फिलहाल अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। सोमवार को भी ज्यादातर बैंकों में करेंसी न आने से बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों के माथे पर शिकन है। लीड बैंक मैनेजर करुणेश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि फिलहाल कई बैंकों में करेंसी नहीं आई है। लेकिन मंगलवार तक करेंसी आ जाने की उम्मीद है।
उधर एसबीआई राबर्ट्सगंज के प्रबंधक दिनेश कुमार राय ने बताया कि करीब चार-पांच दिनों के लिए नई करेंसी आई है। इसमें भी पांच सौ की नई और सौ रुपये की नोट नहीं आई है। सिर्फ दो हजार रुपये की ही करेंसी आई है। इससे फुटकर की समस्या रहेगी।