सोनभद्र। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चेन तोडने के लिए देश में लॉकडाउन है। बेवजह घर से निकलने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में लोग अपने घरों मे ही रह रहे है। आवश्यक वस्तुएं एवं आपात स्थिति में ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। लॉकडाउन-2 की अवधि बढ़ाये जाने के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सप्तपदी का जिक्र करते हुए लोगों से घर के बुजुर्गो के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील किए थे। प्रधानमंत्री के अपील को ध्यान में रखते हुए घरेलू महिलाएं बच्चे एवं बुजुर्गो के खान-पान पर ध्यान दे रहीं हैं। घर का कामकाज निपटाने के बाद परिवार के साथ रामायण एवं महाभारत टीवी सीरियल देखकर समय व्यतित कर रहीं है।
1-पीएम मोदी के सप्तपदी को ध्यान में रखते हुए घर में साफ-सफाई के साथ बच्चे एवं बुजुर्गो की सेहत का विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए घर का कामकाज निपटाती हूं। घरवालों को भी सोशल डिस्टेंस मेंटेन कर रहने के लिए कहती हूं। - नीलम तिवारी।
2-घरेलू महिलाओं का आमदिनों में भी घर से निकलना कम होता है। संक्रमण काल में घर में रहकर भी बहुत सतर्कता बरती जा रही है। कामकाज निपटाने के बाद परिवार के साथ रामायण व महाभारत सीरियल देखती हूं। - मनीषा।
3-लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चूंकि नया शिक्षा सत्र चालू है और लॉकडाउन में विद्यालय बंद है। बच्चों के सेहत को लेकर भी सतर्क रहती हूं। - रंजना।
4-इस समय देश कठिन परिस्थिति से जूझ रहा है। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि सरकार के एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें। सोशल डिस्टेंस मेंटेन कर लोग खुद घर में रहें और दूसरों को भी प्रेरित करें। -निक्की।
5-लॉकडाउन में अपने परिवार को पूरा समय दे रही हूं। लॉकडाउन से लोगों के सामने परेशानिया उत्पन्न हो रही हैं। इसके बाद भी यह जरूरी है कि लोग अपने घरों में ही रहें। - पूजा द्विवेदी।
6-देश में संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इसलिए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर तीन मई कर दी गई। घर के बच्चे और बुजुर्गो की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए महिलाएं पौष्टिक आहार दें। संक्रमण काल में परिवार का अच्छी तरह से देखभाल करें।- निशा अग्रवाल।