दुद्धी। प्रशासनिक टीम अमवार क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को रोकने में विफल साबित हो रही है। क्षेत्र के कनहर, लौवा आदि नदियों से अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों का कहना है कि जब कोई ग्रामीण अपने आवास या शौचालय निर्माण के लिए बालू उठाते हैं तो वन, पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना मिल जाती हैं। फिर व्यावसायिक उपयोग के लिए ट्रैक्टर ट्राली से हो रहे अवैध खनन पर जिम्मेदार मौन क्यों हैं?
रोजाना भीसूर गांव के पांगन नदी के रपटा के पास से अवैध खनन कर बालू की आपूर्ति आसपास निर्माण कार्य करा रही कंपनियों को की जा रही है। इससे सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इन कंपनियों को लोकल बालू सस्ते में मिल जा रही है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों को बालू के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब अवैध खनन की शिकायत की जाती हैं तो अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर अवैध खनन नहीं रुका तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस बाबत एसडीएम रमेश कुमार ने कहा कि किसी भी दशा में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग इस में सम्मिलित हैं, उनके विरुद्ध जांच कर कार्रवाई की जाएगी।