सोनभद्र। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें युवाओं को बिना गारंटी ऋण लेकर नए उद्यम स्थापना के टिप्स दिए गए। इसमें आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के उपाय भी बताए।
डीएम बद्रीनाथ सिंह ने युवाओं, उद्यमियों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया। कहा कि हर कदम उद्यमिता की ओर, हर युवा बनें आत्मनिर्भर का लक्ष्य लेकर यह योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त और बिना गारंटी का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से हर वर्ष 1 लाख और 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना का लाभ 21 से 40 वर्ष के ऐसे युवक-युवतियां ले सकते हैं, जिन्होंने कम से कम आठवीं तक की शिक्षा प्राप्त की हो और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल विकास का प्रशिक्षण लिया हो।
उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त वीके चौधरी ने बताया कि आवेदन करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी मध्यम, सूक्ष्म व लघु उद्योग विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना के अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग, होम केयर प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक-इलेक्ट्रिकल और ऑटोमोबाइल उद्योगों की स्थापना की जा सकती है। इस मौके पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गौतम त्रिपाठी, उद्यम मित्र नितिन प्रकाश, एडीआईओ विनय कुमार सिंह, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।