सोनभद्र। नगर पंचायत पिपरी में भूमि संबंधित समस्याओं की भरमार है। जिला प्रशासन समस्याओं का निस्तारण करने की दिशा में कार्यवाही तेज कर दिया है। सरकारी जमीनों पर आवास बनाकर रहने वालों की सूची तैयार होने लगी है। दुद्धी तहसीलदार विकास पांडेय की अगुवाई में राजस्व, वन विभाग, नगर पंचायत की टीमें सीमांकन कर मकानों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।
वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नगर पंचायत पिपरी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने नगर पंचायत की भूमि संबंधी समस्याओं से संबंधित पत्र देकर अवगत कराया था। चेयरमैन का कहना है कि नगर पंचायत पिपरी के सीमांतर्गत भूमि का सीमांकन स्पष्ट रूप से नहीं होने के कारण वन विभाग एवं उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम द्वारा अपना दावा किया जा रहा है, जिससे विवाद की स्थिति बनी रहती है। मुख्यमंत्री ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दूबे को नगर पंचायत पिपरी की भूमि संबंधित समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के क्रम में जिला प्रशासन कार्यवाही करने में जुट गया है। डीएम ने दुद्धी एसडीएम रमेश कुमार के पर्यवेक्षण में नगर पंचायत पिपरी का भौतिक सत्यापन, स्थलीय सीमांकन, सरकारी जमीनों पर मकान बनाकर रहने वालों की सूची तैयार कर रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है। दुद्धी तहसीलदार विकास पांडेय की अगुवाई में राजस्व, वन विभाग और नगर पंचायत की संयुक्त टीमें सीमांकन के साथ ही सरकारी जमीनों में आवास बनाकर रहने वालों की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है।
नगर पंचायत पिपरी में सरकारी जमीनों पर आवास बनाकर रहने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है। जल्द ही सबकी रिपोर्ट तैयार कराकर उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। - विकास पांडेय, तहसीलदार दुद्धी।