सवा दो साल पहले किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 नवंबर 2019 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी के साथ म्योरपुर निवासी शिवपूजन रौनियार ने दुष्कर्म किया। बेटी के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां मौके पर गई तो शिवपूजन भागते हुए देखा गया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर शिवपूजन रौनियार के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी शिवपूजन रौनियार को उम्रकैद और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।