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Sonebhadra News: सोनभद्र की दो फर्म के लाइसेंस निरस्त, कागज पर बेचा था 7.53 लाख शीशी कफ सिरप

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सोनभद्र। रांची से सोनभद्र और सोनभद्र से भदोही के लिए कोडिन युक्त कफ सिरप की कागजों में आपूर्ति दिखाने वाली जिले की दोनों फर्म मां कृपा मेडिकल और शिविक्षा फार्मा के लाइसेंस मंगलवार को निरस्त कर दिए गए। औषधि नियंत्रण विभाग और एसआईटी की छानबीन के बाद यह कार्रवाई की गई। सोमवार को दोनों फर्म के जरिये 50 करोड़ के अवैध लेन-देन के खुलासे के बाद हुई कार्रवाई तस्करों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है। अवैध लेन-देन से कौन-कौन जुड़े हैं, इसकी जांच में एसआईटी जुटी है।
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गत 29 नवंबर को जिले के औषधि निरीक्षक राजेश मौर्या ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में मां कृपा मेडिकल और शिविक्षा फार्मा के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि दोनों फर्माें को शैली ट्रेडर्स से सात लाख 83 हजार सिरप की कागजी आपूर्ति दिखाई गई। कागज पर उसी दिन उस सिरप को भदोही के आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया इंटरप्राइजेज और दिलीप मेडिकल को भेज दिया गया। इस आपूर्ति को सही दिखाने के लिए फर्मों के जरिये शैली ट्रेडर्स को 12 करोड़ भेजे जाने की भी बात सामने आई।
पिछले दिनों मां कृपा मेडिकल के मालिक सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि दोनों फर्मों के जरिए भदोही से शुभम के करीबी रवि ने 50 करोड़ का लेन-देन किया है। इस मामले में रवि के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराकर जहां एसआईटी उसकी तलाश और छानबीन में जुटी है।
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वहीं, औषधि नियंत्रण विभाग के नियमों-निर्देशों की अनेदखी कर फर्म संचालन और तथ्यों को छिपाकर ड्रग लाइसेंस हासिल करने के आरोप में जिले में पंजीकृत दोनों फर्म के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। बताया गया कि इसको लेकर औषधि नियंत्रण विभाग ने संचालकों से जवाब भी तलब किया गया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

सोनभद्र एसआईटी कफ सिरप तस्करी की जांच में जुटी हुई है। सोनभद्र में पंजीकृत कराई गई दोनों फर्म के जरिये 50 करोड़ का लेन-देन सामने आया है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई-छानबीन जारी है। - अभिषेक वर्मा, एसपी।

कागज में कफ सिरप की खरीद-आपूर्ति दिखाने वाली सोनभद्र की दोनों फर्म के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। उनके खिलाफ पहले प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। - मुकेश पालीवाल, असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग।
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