नक्सल प्रभावित नगवां ब्लाक के कम्हरिया उप स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। कहा कि सात साल से भवन बनकर तैयार है, फिर भी यहां पर न कोई डाक्टर है और न ही कोई दवा-इलाज का प्रबंध ही है।
केंद्र का शीघ्र संचालन शुरू नहीं कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। सीएमओ डा. एबी सिंह ने तत्काल प्रभाव से एक एएनएम को केंद्र पर रहने का निर्देश दिया है।
सात साल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं का ख्याल रखते हुए उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माण कराया गया है। लेकिन न जाने किस वजह से आज तक उसमें ताला लटक रहा है।
कोई न तो डाक्टर वहां रहता है और न ही कोई दवा और इलाज का ही प्रबंध है। इससे आजिज आकर सोमवार को ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र के समक्ष प्रदर्शन किया और कहा कि अगर शीघ्र उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीण इंद्र नारायण सिंह, शंभू राव भारती, बबलू और कमलेश ने कहा कि ग्रामीणों को बीमारी की हालत में वैनी सीएचसी जाना पड़ता है। जबकि उप स्वास्थ्य केंद्र कम्हरिया में सात साल से बनकर तैयार है।
कहा कि ऐसे भवन बनने का क्या औचित्य है जब वहां पर स्वास्थ्य सुविधा मिल ही नहीं रही है। कृष्णावती, शीला, रामसूरत और शिवनाथ का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को भी वैनी सीएचसी जाना पड़ता है।
अगर कम्हरिया उप स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा मुहैया होती तो यह परेशानी न उठानी पड़ती। प्रदर्शन करने वालों में बजरंगी, छोटू, नंदलाल, रमेश मौर्या, श्रीनाथ, बासदेव आदि शामिल रहे।
इस बाबत सीएमओ डा. एबी सिंह ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अगर सात साल से उप स्वास्थ्य केंद्र कम्हरिया बनकर तैयार है तो वहां पर शीघ्र ही संचालन शुरू हो जाएगा।
उन्होंने वैनी सीएचसी के डा. जेपी सिंह को निर्देश दिया कि एक एएनएम को उप स्वास्थ्य केंद्र पर भेजकर संचालन शुरू कराएं। डा. जेपी सिंह ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर एएनएम सोनम को उप स्वास्थ्य केंद्र कम्हरिया के संचालन के लिए भेजा गया है। अब वहां पर दवा-इलाज की सुविधा गर्भवती महिलाओं के लिए प्राथमिक स्तर की हो सकेगी।