सोनभद्र। सात वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 16 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता (16) ने थाने में 22 दिसंबर 2016 को दी तहरीर में बताया था कि जुलाई 2016 को उसे बहला फुसलाकर शादी करने का झांसा देकर सिंदूरी निवासी रवींद्र मौर्या गुजरात ले गया। वहां उसे दो माह तक पत्नी की तरह रखा और शारीरिक संबंध बनाता रहा। उसके बाद अपने घर ले आया और यहां भी चार माह तक पत्नी की तरह रखा। बाद में उसे गाली देकर भगा दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी रवींद्र मौर्या को 10 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 16 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।