चार प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की सोनभद्र पुलिस लाइंस चुर्क में रविवार को बैठक हुई। वाराणसी जोन के पुलिस महानिरीक्षिक एसके भगत की अध्यक्षता में अंतरप्रांतीय पुलिस अधिकारियों की समन्वय बैठक में नक्सल गतिविधियों पर चर्चा हुई। झारखंड, एमपी, बिहार और छत्तीसगढ़ प्रदेश की सीमाओं पर तैनात फोर्स को संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया।
पुलिस महानिरीक्षक एसके भगत ने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की चहलकदमी को गंभीरता से लेते हुए सीमाओं पर फोर्स को अलर्ट रहने की जरूरत है। पुलिस अधिकारी पड़ोसी प्रांतों के पुलिस अधिकारियों से मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान कर उनसे वार्ता करते रहे।
कहा कि फरार अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। शासन की मंशानुसार बगैर किसी दबाव के पुलिसकर्मी कार्य करें, ताकि लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ें। पीड़ितों की समस्या को खुद का समझ कर पुलिसकर्मी उसे दूर करें। आईजी ने एसपी से अपराध पर रोक लगाने के लिए की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। विंध्याचल परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक रतन कांत श्रीवास्तव ने कहा कि अभियान चला कर शोहदों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की जरूरत है।
इस दौरान मध्य प्रदेश के रीवा जोन के आईजी बी निवास वर्मा, बिहार के रोहतास जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक अताउर रहमान, झारखंड के पलामू जोन के पुलिस उप महानिरीक्षक साकेत सिंह, मिर्जापुर जिले के एसपी अरविंद सेन, एसपी चंदौली अमित वर्मा, पीएसी के कमांडेंट रमेश कुमार, एएसपी नक्सल अवधेश सिंह, सीटी सीओ सच्चिदानंद, दुद्धी सीओ लक्ष्मण राय आदि मौजूद रहे।