म्योरपुर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जांच करते अधिकारी।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नंदना (नगवां) में छात्राओं के बीमार होने के बाद बुधवार को जिला प्रशासन ने एक साथ कई अन्य कस्तूरबा विद्यालयों की जांच की तो अनेकों खामियां मिलीं। रगरम (कोन) के बच्चों ने डीडीओ से शिकायत की कि उनसे हर रविवार को शौचालय साफ कराया जाता है। म्योरपुर में एक चौकी पर तीन छात्राओं को सुलाने की शिकायत मिली।
बुधवार को एडीएम रामचंद्र ने डायट परिसर में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में व्यवस्थाएं जांची। यहां भवन मरम्मत का कार्य ठीक नहीं मिला। अंशकालिक शिक्षिका प्रतिमा सिंह और मुख्य रसोइया चिंता देवी अनुपस्थित रही। अधिकारियों को यहां कई और खामियां मिलीं। म्योरपुर प्रतिनिधि के अनुसार, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की जांच डीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव ने की। यहां जांच में पता चला कि एक चौकी पर तीन छात्राएं सोती हैं। पांच छात्राएं बुखार से पीड़ित मिलीं। यहां ट्रांसफार्मर लगा है और तार खींचा है लेकिन बिजली नहीं है। जेनरेटर खराब है। शौचालय के दरवाजे और खिड़की टूटे हैं। सेफ्टी टैंक भर गया है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।
कोन प्रतिनिधि के अनुसार, रगरम में स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की जांच एसडीएम सदर अशोक कुमार सिंह यादव ने की। यहां जांच में कई खामियां मिली। उन्होंने वार्डेन को फटकारा। निरीक्षण में बच्चों ने बताया कि उन्हें दोपहर के खाने में सब्जी-रोटी नहीं मिलता। शौचालय के दरवाजे टूटे हैं और हर रविवार को शौचालय बच्चों से साफ कराया जाता हैं। विद्यालय की बाउंड्री नहीं है। बच्चों को मच्छरदानी भी नहीं मिलती। एसडीएम ने बताया कि विद्यालय में पीने के पानी की व्यवस्था नही हैं। विद्युत आपूर्ति ठप होने पर बच्चे रात अंधेरे में गुजारते हैं। अभी तक बच्चों को किताब व ड्रेस नही मिला। निरीक्षण में नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह मौजूद रहे।दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां 100 नामांकित बच्चों में से सिर्फ 49 उपस्थित मिले। स्नान घर, विद्यालय में गंदगी पर भड़के। मीनू के अनुसार मेस नहीं चलाने पर नाराजगी जताई।