गंदगी को लेकर प्रधानमंत्री तक ने झाड़ू उठाया। लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास किया लेकिन स्वास्थ्य विभाग ही इसको लेकर गंभीर नहीं। जिला संयुक्त चिकित्सालय के ब्लड बैंक के सामने कूड़ों का ढेर है।
इसी ब्लड बैंक के सामने अर्बन पीएचसी है और यहां से महज सौ मीटर दूर सीएमओ का कार्यालय है। फिर भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्रोग्राम भी यहां फेल साबित हो रहा।
गंदगी तमाम बीमारी की जड़ होती है।
लेकिन जब बीमारी का उपचार करने वाले स्थल पर ही गंदगी हो तो फिर बेहतरी की उम्मीद किससे की जाए । दरअसल राबर्ट्सगंज में सीएमओ कार्यालय से महज सौ मीटर दूर अर्बन पीएचसी और उसके ठीक सामने जिला संयुक्त चिकित्सालय का ब्लड बैंक स्थापित है। अर्बन पीएचसी में जहां प्रतिदिन सुबह से दोपहर बाद तक मरीज उपचार के लिए आते हैं वहीं ब्लड बैंक में भी लोगों का आना जाना लगा रहता है।
इन दोनों जगहों पर कूड़े का ढेर है। ब्लड बैंक के ठीक सामने डिस्पोजल सीरिंज, प्लास्टिक समेत तमाम तरह का कूड़ा पड़ा है इसी अस्पताल के सटे स्वास्थ्य कर्मचारियों का आवास है । अधिकारी भी ब्लड बैंक और अर्बन पीएचसी पहुंचते हैं लेकिन इस गंदगी के प्रति कोई गंभीर नहीं ।
इस बाबत अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गणेश का कहना है कि ब्लड बैंक और अर्बन पीएचसी के पास पड़ा कूड़ा हटवाया जाएगा और विभाग को हिदायत दी जाएगी कि वे इस पर विशेष ध्यान दें।