शक्तिनगर। एनसीएल की कई कोयला खदानों सहित आवासीय परिसरों व अस्पतालों की बिजली आपूर्ति ठप होने से बृहस्पतिवार रात असहज हालात पैदा हो गए। आपात स्थिति में मध्यप्रदेश से बिजली लेनी पड़ी। देर रात आपूर्ति सामान्य हुई तब अधिकारियों को राहत मिली।
बिजली गुल के पीछे 132 केवीए लाइन के जंफर जलने को वजह बताया गया। बिजली गुल होने से एनसीएल की खड़िया, बीना, कृष्णशिला, ककरी कोयला खदानों व इनके आवासीय परिसरों के साथ ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति प्रभावित रही। बृहस्पतिवार देर शाम साढ़े सात बजे के करीब बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बताया जा रहा है कि बिजली गुल होने से बीना खदान क्षेत्र में स्थित क्रशर में कार्य कर रहें। संविदा मजदूर व एनसीएल कर्मचारी फंस गए। इसके चलते अधिकारियों एवं कर्मचारियों में खलबली मच गई। देर रात टार्च की रोशनी में दोनों कर्मियों को सकुशल क्रशर हाउस से बाहर निकाला गया। बिजली गुल होने से कालोनी वासियों के साथ बीना अटल अस्पताल में भर्ती मरीजों को काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीना प्रबंधन द्वारा साढ़े तीन घंटे बाद मध्य प्रदेश के मोरवा स्थित सब स्टेशन से वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पावर लिया गया तब रात 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। यूपीपीसीएल द्वारा 132 केवीए जंफर में आई खराबी दुरुस्त कर रात सवा एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल की तब धीरे धीरे स्थिति सामान्य हुई। बताया जा रहा है कि बिजली अनापूर्ति के चलते खदानों से होने वाले कोयला उत्पादन पर असर पड़ा।
पोल से टकराया ट्रेलर, आपूर्ति ठप
शक्तिनगर। वाराणसी- शक्तिनगर मुख्य मार्ग पर स्थित कोहरौलिया गांव के पास शुक्रवार सुबह ट्रेलर अनियंत्रित होकर बिजली पोल एवं 63 केवीए ट्रांसफार्मर में धक्का मार दिया। इससे कोहरौलिया गांव के सैकड़ा भर घरों की बिजली गुल हो गई। आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।