बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में लगे वाहनों की अभियान चलाकर जांच की जाएगी। फिटनेस में खरा न उतरने पर स्कूल वाहनों को सीज करने के साथ ही स्कूल प्रबंधन की भी जिम्मेदारी तय होगी।
सोमवार को डीएम बद्रीनाथ सिंह ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने सड़क हादसे रोकने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा। इसके लिए जागरुकता के साथ ही कार्रवाई पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहनों का संचालन हेलमेट और चार पहिया वाहनों का संचालन सीट बेल्ट के साथ ही सुनिश्चित कराएं। ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच करें। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में पर्याप्त संकेतक लगाए जाएं, जिससे राहगीर दूर से ही सतर्क हो सकें।
डीएम ने कहा कि एआरटीओ व यातायात पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर स्कूल वाहनों की जांच करे। बसों में सभी टूल किट, प्राथमिक उपचार उपकरण व सामग्री होनी चाहिए। वाहन चालक के लाइसेंस की जांच व चरित्र सत्यापन भी कराएं।
उन्होंने कहा कि एसीपी टोल प्लाजा व अधिशासी अभियंता जल निगम ओवर ब्रिज के बगल सर्विसलेन सड़क की मरम्मत एक सप्ताह के अंदर पूरा कराएं। ऐसा न होने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्पीड ब्रेकर की मरम्मत कराई जाय और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध चालान करें। बैठक में एसपी अशोक कुमार मीणा, एआरटीओ राजेश्वर यादव, सीओ सदर संजीव कुमार कटियार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी शैलेश ठाकुर आदि मौजूद रहे।